बड़ी संख्या में किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण किया है। कृषि विभाग ने सत्यापन के लिए यह सूची तहसीलवार भेज दी हैं। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की संयुक्त टीमें इनका सत्यापन कर रही हैं। इनमें तमाम गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। अधिकांश गांवों में लगभग 40 फीसदी नाम फर्जी मिल रहे हैं।
बता दें कि इस योजना की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को गोरखपुर में करेंगे। लघु एवं सीमांत किसानों को फायदा मिलेगा। किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक आर्थिक मदद दी जाएगी। दो हजार रुपये की पहली किस्त इसी माह मिलेगी।
आधार कार्ड तक फर्जी
सत्यापन के दौरान तमाम ऐसे किसानों के नाम सामने आए हैं, जिसमें आधार कार्ड तक फर्जी लगा दिए गए हैं। कई किसानों के बैंक एकाउंट नंबर तक गलत हैं। महुआ खेड़ा, बरारा, बरौली अहीर, बगदा, मलपुरा, अरतौनी, सिरौली, जैतपुरकलां आदि गांव में अपात्र मिले हैं।
कृषि विभाग की सूची में तमाम अपात्र किसानों के नाम सामने आए हैं। ऐसे में यह अंदेशा गहरा गया कि सूची में शामिल इन अपात्र किसानों की आड़ में किसी ने किसानों के लिए चलाई जा रहीं दूसरी योजना का लाभ तो नहीं लिया।
इस संबंध में जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने बताया कि सम्मान निधि के लिए कराए जा रहे सत्यापन में कुछ गड़बड़ियां सामने आने की शिकायत मिली है। इन सभी की जांच कराई जा रही है। किसी भी अपात्र को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।