आगरा में रक्षाबंधन के त्योहार ने बाजारों की सुस्ती पूरी तरह खत्म कर दी है। मिठाई से लेकर राखी, कॉस्मेटिक्स, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और कपड़ों के बाजार में बंपर बिक्री हो रही है। मंगलवार और बुधवार, महज इन दो दिनों में ही शहर का त्योहारी कारोबार 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग की भारी छूट के बावजूद स्थानीय बाजारों पर ग्राहकों का भरोसा कायम है। महंगाई बढ़ी है, मौसम भी बारिश का है, इसके बाद भी लोगों के त्योहारी उल्लास ने मंदी से जूझ रहे बाजारों को बड़ी संजीवनी दी है।
मिठाई कारोबार में ज्यादा उछाल
मिठाई के बाजार में सबसे ज्यादा उछाल है। आगरा स्वीट्स एंड नमकीन एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि शहर में 1680 मिठाई की दुकानें, 500 हलवाई और 50 ब्रांडेड शोरूम हैं। इस बार भी पारंपरिक घेवर की मांग सबसे ज्यादा है। वहीं, युवाओं में चॉकलेट और गिफ्ट बॉक्स का क्रेज है। इन दो दिनों में बाजारों में करीब 50 से 60 करोड़ रुपये की मिठाई और 10 करोड़ रुपये के गिफ्ट-चॉकलेट बिक जाने का अनुमान है।
बारिश के बावजूद उमड़ी भीड़
थोक और फुटकर राखियों के मुख्य केंद्र लुहार गली में बुधवार को बारिश के बावजूद ग्राहकों की भारी भीड़ है। लुहार गली बाजार के अध्यक्ष संदीप गुप्ता के मुताबिक, यहां की करीब 400 दुकानों से 10 करोड़ रुपये की राखियां व अन्य सामान बिकने की उम्मीद है। महिलाओं में त्योहारी खरीदारी के चलते करीब सात करोड़ रुपये के कॉस्मेटिक्स और आर्टिफिशियल ज्वेलरी बिकने का अनुमान है। इसके अलावा बच्चों के खिलौने एक करोड़ के और रेडीमेड कपड़ों बाजार भी तेज है। दस करोड़ के कारोबार का अनुमान है।
बाजार का ऐसा है हाल :
मिष्ठान विक्रेता रमेश चंद ने कहा कि पिछले दो वर्षों की तुलना में मांग बेहतर है। देसी घी के स्पेशल घेवर और शुगर-फ्री मिठाइयों की खूब डिमांड है। कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं और गिफ्ट बॉक्स की एडवांस बुकिंग चल रही है।
ग्राहक नेहा शर्मा ने बताया कि बाजार में थोड़ी महंगाई है लेकिन त्योहार साल में एक बार आता है। भाई के लिए कंजूसी नहीं की जा सकती। मैंने राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट राखी और एक चॉकलेट हैम्पर खरीदा है।
कॉस्मेटिक्स कारोबारी राजेश अग्रवाल का कहना है कि महिलाओं में कुंदन, पर्ल और अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी की भारी मांग है। लुहार गली, राजा मंडी और सदर बाजार में पैर रखने की जगह नहीं है। कॉस्मेटिक्स की सेल में 40 फीसदी का उछाल है।
प्रताप नगर के गारमेंट कारोबारी अशोक माहेश्वरी ने बताया कि युवाओं में इंडो-वेस्टर्न और एथनिक कपड़ों का काफी क्रेज है। ऑनलाइन शॉपिंग के बावजूद लोग शोरूम पर कपड़े खुद देखकर और ट्राई करके लेना पसंद कर रहे हैं।