भावुक करने वाला था पल
कमतरी के रहने वाले राजबहादुर शर्मा ने बताया कि यह पल बहुत भावुक कर देने वाला था। राखी बंधवाने वाले डकैतों की आंखों में आंसू छलक पडे़ थे। बाह के अहिबरन सिंह परिहार ने कहा कि चौपाल पर रक्षाबंधन का यह घटनाक्रम लोगों की जुबां पर होता है। नैतिक पतन की घटनाओं के बीच डकैतों की राखी को लोग उदाहरण के रूप में पेश करते हैं।
सीख लेने वाली है दास्तां
बाह की रेनू भदौरिया ने कहा कि वर्तमान माहौल में भाई बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाली डकैतों की राखी से सीख लेनी चाहिए। भाई-बहन के रिश्ते को चंबल के डकैत निभा सकते हैं, तो हम क्यों नहीं ?