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सीओ लोहामंडी करेंगे राजू गुप्ता हत्याकांड की जांच, एडीजी से मिले परिजन, उठाई ये मांगें

Tue, 11 Dec 2018 04:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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एडीजी से मिले राजू के परिजन व समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के राजू गुप्ता हत्याकांड की जांच अब सीओ लोहामंडी करेंगे। लोहामंडी इंस्पेक्टर राजेश कुमार पांडेय की जांच पर परिजनों ने सवाल उठाया था। उन्होंने सोमवार को एडीजी अजय आनंद से शिकायत की थी। इसके बाद रात को जांच ट्रांसफर कर दी गई।
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राजू गुप्ता की 22 नवंबर को थाना सिकंदरा पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। इस मामले में नरेंद्र एन्क्लेव निवासी अंशुल प्रताप, विवेक परिहार और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। दरोगा अनुज सिरोही घटना में शामिल था। 

पुलिस ने विवेक परिहार को तो गिरफ्तार कर लिया। मगर, अंशुल प्रताप और अनुज सिरोही की गिरफ्तारी में ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा है। अंशुल प्रताप मथुरा के एक विधायक का रिश्तेदार है। इस कारण पुलिस उस पर हाथ डालने से कतरा रही है। 
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एक आरोपी है विधायक का रिश्तेदार

राजू के चाचा अशोक गुप्ता ने आरोप लगाया था कि विधायक की गाड़ी में ही राजू को थाने ले जाया गया था। पुलिस अधिकारियों से भी यह बात कही थी। पुलिस दबिश की बात कहकर पल्ला झाड़ रही है। मगर, अंशुल की गिरफ्तारी न होने से कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।

सोमवार को अंशुल की मां रेनूलता गुप्ता और चाचा अशोक गुप्ता वैश्य समाज के लोगों के साथ एडीजी अजय आनंद से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी नहीं दिखा रही है। उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। 

उन्हें इंस्पेक्टर लोहामंडी की जांच पर भरोसा नहीं है। जांच सीओ स्तर के अधिकारी करें। इस पर एडीजी ने एसएसपी से बात की। इसके बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। रात में जांच सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा को ट्रांसफर कर दी गई। 
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यह मांग की

- मुख्य आरोपी अंशुल प्रताप और दरोगा अनुज सिरोही को गिरफ्तार किया जाए।
- थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों की पहचान नहीं कराई गई। पहचान कराई जाए।
- आरोपी विवेक से रिमांड पर मिली जानकारी को सार्वजनिक किया जाए।
- इस प्रकरण की जांच थाना लोहामंडी इंस्पेक्टर से नहीं कराई जाए।
- राज की मां को जबरन थाने ले जाने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो।
- एफआईआर में उचित धाराएं नहीं लगाई गई हैं? धाराओं की वृद्धि की जाए।
- एसएसपी के आश्वासन पर भी मां को सुरक्षा नहीं मिली। सुरक्षा दी जाए।
- आरोपी पक्ष लगातार पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव डाल रहा है? उन पर कार्रवाई हो।
- घटना वाले दिन थाने में मौजूद सभी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो।
- पीड़ित मां की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्हें शासन से अधिवक्ता दिलाया जाए।

अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने की बैठक
अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने सोमवार को दूरा, फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, रुनकता और किरावली में बैठक की। इन बैठकों में भी राजू हत्याकांड का मुद्दा छाया रहा। इसमें आंदोलन का निर्णय लिया गया। 12 दिसंबर को शांति मार्च भी निकाला जाएगा।
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