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भारत की संस्कृति और विज्ञान का लोहा मानती है पूरी दुनिया: राजनाथ सिंह

Sun, 09 Dec 2018 03:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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कार्यक्रम को संबोधित करते गृह मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के जीएलए यूनिवर्सिटी के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जो भारत देश में है वो कहीं नहीं है। भारत की संस्कृति और विज्ञान का लोहा आज दुनिया मान रही है। 
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अमेरिका के बड़े साइंटिस्ट सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण का जब समय बताते हैं तो उनकी तारीफें होती हैं लेकिन मथुरा के पंडित ज्योतिष के जरिये 100 साल बाद पड़ने वाले चंद्रग्रहण का भी समय निकालकर दे देंगे। भारत वह देश है जहां पहले ग्लोबल यूथ के रूप में स्वामी विवेकानंद आए थे। 

दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को मेडल बांटने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब आप लोग उपाधि लेकर व्यवहारिक जीवन में प्रवेश करेंगे। हर किसी का सपना होगा कि अच्छी नौकरी लगे और अच्छा पैकेज मिले लेकिन जीवन में यह ही पर्याप्त नहीं है। 
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'भारत की संस्कृति सर्वश्रेष्ठ'

छात्रा को उपाधि प्रदान करते गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि वो भी पढ़ा लिखा ही था, जिसने बड़ी इमारत से प्लेन टकरा दिया था। बड़ी संख्या में लोग मर गए थे। दूसरा उदाहरण एक आर्टिकल का हवाला देते हुए इनफोसिस और अलकायदा पर दिया। कहा कि इनफोसिस का भी ग्लोबल नेटवर्क है और अलकायदा का भी। दोनों को ही तकनीकी शिक्षा दी जाती है। लेकिन अलकायदा का काम विनाशकारी होता है। 

उन्होंने कहा कि रावण राम से अधिक धनवान था। ताकतवर था। लेकिन आज पूजा भगवान राम की होती है। क्योंकि राम ने समाज को दिशा दी और संस्कार दिए थे। जीवन महत्व समझाया था। भारत में संस्कार और मूल्यों का बहुत महत्व है। भारत की संस्कृति विश्व की श्रेष्ठ संस्कृति है। 

उन्होंने कहा कि विदेशी भी मानते हैं कि आध्यात्मिक शक्ति भारत में है। दुनिया कई मामलों में हमारी नकल करती है। हमारे शास्त्रों ने जो गणित दिया उसी पर विश्व ने बड़ी बड़ी खोज कीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहें चीन हो या अमेरिका दोनों देशों से हमारा विज्ञान और संस्कृति बहुत अच्छी है।
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3196 उपाधि प्रदान की गईं

सेल्फी लेतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल एवं कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत श्री गणेशीलाल अग्रवाल के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। 

दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने मेधावियों को सोने और चांदी के मेडल पहनाए। प्रतिभावानों ने देश सेवा का संकल्प लिया। समारोह में स्नातक व स्नातकोत्तर में 12 गोल्ड, 12 सिल्वर मेडल और 3196 उपाधि प्रदान की गईं। इसके अलावा 15 छात्रों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। 

विशिष्ट अतिथि सुपर कम्प्यूटर परम के वास्तुकार नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पद्म भूषण डॉ. विजय पी भटकर तथा डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक, मिसाइल और सामरिक प्रणाली और कार्यक्रम निदेशक अग्नि डॉ. वीजी शेखरन को जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि प्रदान की गई। डीन एकेडमिक प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने सभी का स्वागत किया।  
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