सपा से गठबंधन में फतेहपुर सीकरी लोकसभी सीट कांग्रेस के खाते में आई है। ऐसे में राज बब्बर फतेहपुर सीकरी से फिर दमखम दिखा सकते हैं। वह दो बार यहां से चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों बार उनके हिस्से में हार आई। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान का दबाव और सपा से गठबंधन के कारण बदले समीकरण ने उनको यहां से चुनाव लड़ने के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसी के चलते व राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए हैं। अभी तक राज बब्बर इस यात्रा से दूरी बनाए हुए थे। यहां तक कि बीती 25 फरवरी को आगरा आई यात्रा में भी वह शामिल नहीं हुए थे। कांग्रेस हाईकमान ने उनसे लगातार संपर्क कर चुनाव लड़ने के लिए उन्हें राजी कर लिया है।
समर्थकों से की रायशुमारी
सूत्र बताते हैं कि उन्होंने अपने समर्थकों से भी रायशुमारी की है। उनकी तरफ से माहौल सकारात्मक बताए जाने के बाद चुनाव में उतरने का मन बनाया है। सपा के गठबंधन से हालात भी बदले हुए हैं। ऐसे में उन्होंने हार-जीत का गणित बना लिया है।
जनता का आदेश पूरा करना मेरा धर्म
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि वह आगरा क्षेत्र के बेटे हैं। उनके लिए आगरा-फतेहपुर सीकरी की जनता ही पार्टी है। उनका जो आदेश होगा, वह मायने रखता है और उसे पूरा करना उनका धर्म है। उन्होंने कहा कि वह अभी गुजरात में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में हैं। 13 मार्च को आगरा आकर समर्थकों से रूबरू होंगे।
दूसरे नंबर पर रहे दोनों बार
वर्ष 2009 में फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट का गठन हुआ। राज बब्बर को बीएसपी की सीमा उपाध्याय से 9936 वोट से हार मिली, वर्ष 2019 में फिर से कांग्रेस के निशान पर मैदान में उतरे। 172082 वोट मिले, लेकिन बीजेपी के राजकुमार चाहर से 495065 वोटो से बड़ी हार हुई। राजबब्बर दोनों चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे।
पहली पसंद हैं राजबब्बर
प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस अजय राय ने बताया कि राज बब्बर हमारी पार्टी के वरिष्ठ और मंझे हुए नेता हैं। फतेहपुर सीकरी पर वह लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं, बाकी के प्रत्याशी की घोषणा हाईकमान के निर्देश पर की जाएगी।