चंद दिन पहले जहां पारा 45 डिग्री के करीब पहुंचकर झुलसा रहा था, वहीं अब बेहिसाब उमस लोगों को पसीने से नहलाए हुए है। बादलों की लुकाछिपी के साथ आर्द्रता बढ़ जाने से लोग बेहाल हैं। हाल ये है कि नहाने के बाद भी लोग चंद मिनटों में ही पसीने से तर-ब-तर हो रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र की मानें तो अगले दो दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी इस उमस से राहत पहुंचा सकती है।
सोमवार को सुबह से ही बादलों की लुकाछिपी बरकरार रही। आर्द्रता 65 फीसदी तक होने से दिन पसीने में भीगते कटा। कूलर न तो अब कमरा ही ठंडा कर पा रहे हैं और न ही पंखों की हवा का एहसास हो रहा है। दोपहर में बादल छाए और शहर के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हुई लेकिन इससे उमस से राहत नहीं मिल पाई। दिन में अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री रहा जो सामान्य से तीन डिग्री नीचे है, लेकिन न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा 30.7 डिग्री पर चल रहा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में आगरा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज -चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश के आसार बन रहे हैं। इससे उमस से राहत के साथ अधिकतम तापमान में भी कमी आएगी।
इस सप्ताह आ जाएगा मानसून
देश में प्रवेश में मानसून को भले देर हुई, लेकिन उत्तर प्रदेश की सीमा में यह तय समय पर ही आया। प्रदेश के दक्षिण पूर्वी कोने पर मानसून पहुंच चुका है। आगरा में 26 जून मानसून की तय तारीख है, लेकिन जिस तेजी से मानसून को ताकत मिल रही है, उससे लगता है यह समय से पहले ही यहां आ जाएगा। मानसून की पहली बारिश इसी सप्ताह होने के आसार बन रहे हैं।
बारिश होने से मिली गर्मी से राहत
बाह, जैतपुर और एत्मादपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार को बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। एत्मादपुर में जलभराव हो गया जिससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। अंबेडकर पार्क, बरहन तिराहे पर हुए जलभराव ने नगरपालिका के सफाई के दावों की पोल खोल दी।