मौहल्ला शांती नगर में वारिस से हुए जल भराव से होकर गुजरते राहगीर- अमर उजाला
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एटा। झमाझम बारिश से बुधवार को लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं पूरा शहर टापू में तब्दील नजर आया। जलभराव के चलते पालिका के सफाई इंतजाम बेमानी साबित होते नजर आए। गली मोहल्ले ही नहीं प्रमुख सड़कें भी पानी में डूबी दिखाई दीं। वहीं गिरे तापमान से लोग झूम उठे।
दरअसल, दो दिन से पड़ रही गर्मी ने लोगों का जीना बेहाल कर रखा था। उमस और गर्मी के चलते लोग पसीने से तर-बतर हो रहे थे। बुधवार को बारिश के चलते लोगों को गरमी उजसम से राहत मिल गई। झमाझम बारिश से शहर सराबोर हो गया। वहीं पालिका के सफाई अभियान की पोल खुल गई। नाले नालियां चोक होने से हर तरफ जलभराव का आलम था। शहर के ठंडी सड़क, घंटाघर, रेलवे रोड, हाथी गेट, बांस मंडी, गांधी मार्केट, मैनगंज, बूरामंडी, बाबूगंज, मेहता पार्क आदि बाजारों में हुए जलभराव के बाद लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं जलेसर में भी बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। साथ ही नगर के चिंताहरण महादेव रोड, अस्पताल रोड समेत तमाम मोहल्लों में जलभराव ने दिक्कत बढ़ाई।
घंटों तक बना रहा जलभराव
कुछ देर की बारिश से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। लोग जहां के तहां ठहर गए। बारिश थमी तो जलभराव कम होने का इंतजार कर रहे लोग अपने स्थान पर ही बने रहे। लेकिन बारिश बंद होने के बाद भी कई घंटों तक सड़कों पर भरा पानी नहीं निकल सका। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने जुगाड़ की तब अपने गंतव्य की ओर जा सके।
बद्तर हो गई शांति नगर की हालत
बारिश से कुछ देर पहले ही शांति नगर में नाले की सफाई की गई थी। इसके चलते नाले की सिल्ट सड़क पर पड़ी हुई थी। बारिश के चलते सड़क किनारे पड़ी सिल्ट पूरी सड़क में फैल गई। इससे सड़क से निकलना लोगों का दूभर हो गया। लोगों ने सड़क से निकलने से अच्छा रास्ता बदलना बेहतर समझा। नाला सफाई में हुई देरी भी शहर में हो रहे जलभराव का प्रमुख कारण है।