फोटो 24 करहल में कटी पड़ी धान की फसल और खेत में भरा पानी। संवाद
फोटो 25 बेवर क्षेत्र में खेत में पसरी धान की फसल। संवाद
फाेटो 26 ज्योंती में एक खेत में पसरी धान की फसल। संवाद
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सोमवार से शुरू हुई बरसात मंगलवार को भी रही जारी, आलू की भी नहीं हो पा रही गढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिले में सोमवार से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी जारी रही। बारिश किसानों के लिए आफत लेकर आई। किसानों के खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल बिछ गई। वहीं आलू की फसल की किसान गढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। सरसों की हाल में हुई बुवाई पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।
सोमवार की शाम से जिले के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो गई थी। मंगलवार की सुबह अचानक घने बादलों से अंधेरा छा गया। थोड़ी ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। जिले भर में करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी धान की फसल हवा के साथ हुई बारिश से बिछ गई है। फसल बिछने के साथ खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। गांव ककरारा निवासी किसान रमेश सिंह चौहान ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही बारिश से धान की फसल में पहले से ही पानी भरा था। सोमवार और मंगलवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने धान की फसल को तहस-नहस कर दिया दिया है।
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आलू और सरसों की फसल में नुकसान
किसानों ने आलू की फसल की गढ़ाई का कार्य शुरू कर दिया था। पिछले सप्ताह हुई बारिश से पहले ही किसान अपना आलू कोल्ड स्टोर से घर लेकर आए थे। एक सप्ताह से आलू घर पर रखा हुआ है। देवीपुर निवासी किसान महिपाल सिंह ने बताया कि आलू में दवा भी लग चुकी है लेकिन खेतों में पानी भरा होने के कारण आलू की गढ़ाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि इस साल आलू की पैदावार प्रभावित होगी। खटिकपुर निवासी किसान अवनेश कुमार का कहना था कि जिले में सरसों की फसल की बुवाई लगभग सभी क्षेत्रों में एक सप्ताह पहले हो गई थी। सरसों के खेतों में भी पानी भर गया है इससे बुवाई की गई सरसों खेतों में ही सड़ने का खतरा बढ़ गया है। इस साल सरसों की फसल भी प्रभावित होगी।