इतना ही नहीं सरसों की कटाई और आलू की खोदाई का काम भी बारिश से प्रभावित होगा। अगर बारिश थोड़ी भी अधिक होती है तो जिले में मूंगफली की बुवाई का काम भी कम से कम तीन से चार दिन के लिए रुक जाएगा।
ऐसे प्रभावित होगा उत्पादन
गेहूं की फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होता है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगन दीप सिंह बताते हैं कि गेहूं की फसल के गिरने से दाना पूर्ण रूप से विकसित नहीं होता है। इसके साथ ही कुछ दाने बदरंग भी हो जाते हैं। इससे दस से 20 प्रतिशत तक उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव के अनुसार जिले में 12 और 13 मार्च को तेज हवा के साथ बारिश की प्रबल संभावना है। किसान अपनी तैयार सरसों और आलू की फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।