रेलवे में ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की मजबूती से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। यात्री समय से अपने गंतव्य की यात्रा पूरी कर सकेंगे। मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के मार्गदर्शन में टीआरडी विभाग ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इससे ट्रेनों की गति और उनकी समयबद्धता में सुधार हुआ है।
रेलवे की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि मथुरा-अलवर और भांडई-इटावा खंड पर डीग व फतेहाबाद में नए ओएचई डिपो शुरू किए गए हैं। इससे खराबी की स्थिति में त्वरित मरम्मत संभव हुई है और ट्रेनों की देरी में कमी आई है। रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन अतिरिक्त ब्रेकडाउन वाहन भी तैनात किए गए हैं। ये वाहन आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
पुराने इंसुलेटर और जंगग्रस्त उपकरणों के स्थान पर 711 इंसुलेटर और 251 कैंटिलीवर बदले गए हैं। इस बदलाव से लाइन की मजबूती बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, 675 टर्नआउट और क्रॉसओवर का नियमित निरीक्षण भी किया गया है। नई आठ-व्हीलर टॉवर वैगनों के शुरू होने से निरीक्षण और मरम्मत कार्य तेज हुआ है। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और बाधारहित हुआ है। आगरा मंडल में ओएचई के मजबूती पर करोड़ों रुपये के कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं।