आगरा-झांसी रेलवे ट्रैक पर जेई मनोज सैनी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत के बाद रेलवे प्रशासन ने ट्रैक कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अब मुकद्दम को ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों को ट्रेनों के आवागमन की पल-पल की जानकारी देने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आगरा-झांसी रेलवे ट्रैक पर मंगलवार को जूनियर इंजीनियर मनोज सैनी की पैर कट जाने से मौत के बाद रेलवे प्रशासन और फील्ड टीमों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर ट्रैक पर कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने का निर्देश दिया।
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भाड़ई और जाजऊ स्टेशन के बीच यह हादसा हुआ था। ट्रैक पर मशीन चलाने के लिए मिले दो घंटे के ब्लॉक के दौरान वह मशीन से नीचे उतरे थे तभी अचानक आई झेलम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। रेलवे विभाग के अनुसार, जेई मनोज सैनी को ट्रैक पर मशीन चलाने के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक का ब्लॉक दिया गया था। शाम करीब 5:30 बजे वे मशीन से उतरकर जैसे ही दूसरे ट्रैक पर पहुंचे, हादसा हो गया।
तौर-तरीकों में किया बदलाव
रेलवे के केएफएमआई विभाग में कार्यरत जेई मनोज सैनी की दुर्घटना के बाद गैंग के काम करने के तौर-तरीकों में बदलाव किया गया है। अब ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मुकद्दम (गैंगमैन) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुकद्दम का मुख्य कार्य ट्रेनों के आवागमन की पल-पल की जानकारी तुरंत मौके पर मौजूद कर्मचारियों को देना होगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।