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रेल मंत्रालय ने मांगा खाली संपत्तियों का ब्योरा, विभाग खंगाल रहा रिकॉर्ड

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कासगंज का रेलवे जंक्शन - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय ने अब रेलवे की खाली संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। रेलवे बोर्ड से निर्देश मिलने के बाद रेलवे के स्थानीय अफसरों ने रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। जल्द ही उच्चाधिकारियों को संपत्तियों का ब्योरा भेजा जाएगा। इसके बाद रेलवे अनुपयोगी संपत्तियों में कॉमशियल भवन निर्माण करेगी।
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रेलवे की तमाम संपत्तियां अनुपयोगी हो गई हैं। इनको उपयोग में लाने के लिए अब योजना बनाई जा रही है। कई संपत्तियों पर अवैध कब्जे भी हो गए हैं। रेलवे इसको लेकर अब काफी गंभीर है। रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के अफसरों ने रेलवे की संपत्तियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।
कासगंज शहर के अलावा आस पास के कस्बों में जहां-जहां रेलवे की संपत्तियां हैं उन्हें चिह्नित किया जाएगा। रेलवे के अधिकारी रिकॉर्ड के आधार पर देख रहे हैं कि किस क्षेत्र में कौन सी संपत्ति अनुपयोगी है। सभी संपत्तियों का ब्योरा संतुलित कर मंत्रालय को भेजने की तैयारी की जा रही है। कासगंज रेलवे की हद में कई संपत्तियां ऐसी हैं जिनपर अब तक अवैध कब्जों के मामले भी सामने आए हैं।
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पूर्व में नोटिस दे चुका है रेलवे
सहावर गेट इलाके में रेलवे की कई संपत्तियां ऐसी हैं जिन पर अवैध कब्जे हैं। रेलवे पूर्व में अतिक्रमणकारियों को नोटिस दे चुका है, लेकिन अभी तक इन संपत्तियों से कब्जे नहीं हटे हैं। अब फिर से रेलवे अभियान चलाएगा तो निश्चित ही खलबली मचेगी।
असामाजिक तत्वों के अड्डे बने रेलवे के अनुपयोगी आवास
रेलवे की लोको कॉलोनी काफी पुरानी है, लेकिन लंबे समय से कॉलोनी में बाशिंदे नहीं रह रहे हैं। यहां आवास खंडहर हो रहे हैं। रेलवे ने इस कॉलोनी की ओर जाने वाली क्रॉसिंग को भी बंद कर दिया है। एक बड़े क्षेत्रफल में रेलवे की संपत्ति पर आवास बने हुए हैं। इन आवासों में असामाजिक तत्व घूमते रहते हैं।
- रेलवे बोर्ड द्वारा खाली संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया है। संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। ब्योरा संकलित कर जल्द ही रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
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- राजेंद्र सिंह, पीआरओ।
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