ऑल इंडिया रेलवे स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में आगरा कैंट के डीआरएम कार्यालय पर छह घंटे तक प्रदर्शन, नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए रेल ट्रैक उखाड़ने और ट्रेनें रोकने की चेतावनी दी। डीआरएम गगन गोयल ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन देर शाम तक कोई समाधान नहीं निकल सका।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई के विरोध में मंगलवार को डीआरएम कार्यालय पर छह घंटे से अधिक समय तक हंगामा, नारेबाजी और नोकझोंक, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। जीआरपी, आरपीएफ के साथ ही सदर थाने के फोर्स को बुलाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने रेल ट्रैक उखाड़ने, शताब्दी ट्रेन रोकने और रेल यातायात ठप करने की चेतावनी दी। डीआरएम ने जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया मगर शाम तक कोई समाधान नहीं निकला।
मंगलवार को आगरा कैंट स्थित डीआरएम कार्यालय पर ऑल इंडिया रेलवे स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सुबह करीब 10:30 बजे एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी शरतचंद पुरोहित दिल्ली से आगरा पहुंचे। सबसे पहले आगरा कैंट स्टेशन पर स्टेशन मास्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सभी कर्मचारी जुलूस के रूप में डीआरएम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर आरपीएफ के खिलाफ नारे लगाए और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों का आक्रोश लगातार बढ़ता गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो शताब्दी ट्रेन रोकी जाएगी, रेल ट्रैक उखाड़े जाएंगे और रेल यातायात ठप किया जाएगा। इसी बीच नरेंद्र सिंह चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर रेल ट्रैक पर जान देने की चेतावनी दी, जिससे मौके पर तनाव और बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर डीआरएम गगन गोयल स्वयं प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए बाहर आए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच समिति गठित की जा चुकी है और रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि प्रदर्शनकारी तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद भी डीआरएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी और विरोध जारी रहा।
हालात को नियंत्रित करने के लिए सदर थाना पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया। बाद में डीआरएम और प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता भी हुई, लेकिन देर शाम तक कोई सहमति नहीं बन सकी। प्रदर्शन में रेलवे कर्मचारी संघ, एनसीआरएमयू, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन तथा जाट महासभा के पदाधिकारी भी शामिल रहे। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के सचिव सुकेश यादव ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।