कासगंज। रेल मंत्रालय द्वारा संपत्तियों का ब्योरा मांगने के बाद रेलवे ने दस्तावेज खंगाले हैं। अब तक पता चला है कि कई संपत्तियों पर 50 से अधिक अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। इनको रेलवे नोटिस देगा। अतिक्रमण हटाने को रेलवे जल्द ही अभियान भी चलाएगा।
कासगंज क्षेत्र में रेलवे की तमाम संपत्तियां अनुपयोगी हैं। इनको उपयोग में लेने के लिए रेलवे बोर्ड और मंत्रालय ने ब्योरा मांगा है। रेलवे ने रिकॉर्ड भी खंगाले हैं। दस्तावेजों के आधार पर जानकारी हुई है कि सहावर गेट क्षेत्र में रेलवे की कई संपत्तियों पर करीब 50 से अधिक अतिक्रमणकारियों ने कब्जे कर लिए हैं।
रेलवे की भूमि पर भवन भी बना लिए हैं। रेलवे अब सभी अतिक्रमणकारियों को अब नोटिस देगा। नोटिस तैयार कर लिए हैं, जो जल्द थमाए जाएंगे। अतिक्रमण हटाने के लिए उन्हें निर्धारित अवधि तक का समय दिया जाएगा। संपत्ति चिह्नीकरण की शुरुआत से अतिक्रमणकारियों में बेचैनी है। रेलवे सहावर गेट के अलावा अन्य क्षेत्रों के भी भूमि दस्तावेज देख रहा है। उसी आधार पर अन्य क्षेत्रो में भी संपत्तियों पर रेलवे कब्जा लेगा।
तहसील प्रशासन का लिया जाएगा सहारा
रेलवे तहसील प्रशासन का सहारा लेकर जमीन संबंधी दस्तावेज देखेगा। रेलवे अपने और तहसील दस्तावेजों के मिलान के आधार पर ही चिह्नांकन की कार्रवाई क्रेगा।
पहले भी दिए जा चुके हैं नोटिस
रेलवे की संपत्तियों पर कब्जा करने के मामले में अतिक्रमणकारियों को रेलवे पहले भी नोटिस दे चुका है। वर्षों पहले दिए गए नोटिस का रिकॉर्ड दस्तावेजों में देखने को मिला है। पूर्व के नोटिस की प्राप्ति भी कागजों में दर्ज है। उसी आधार पर रेलवे ने नोटिस तैयार किए हैं।
- जिन अतिक्रमणकारियों ने रेलवे की संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। उन्हें नोटिस दिया जाएगा। पूर्व में दिए गए नोटिस का रिकॉर्ड भी देखने को मिला है। अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
- नेहरूलाल मीना, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे।