फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: 46 साल से बंद रेलवे गेट बना मुसीबत, कई गांवों का आवागमन प्रभावित; ग्रामीणों ने लगाई गुहार

Fri, 10 Apr 2026 12:01 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

मिढ़ाकुर में 46 साल से बंद रेलवे गेट के कारण कई गांवों के लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरओबी या अंडरपास निर्माण की मांग करते हुए प्रशासन से समाधान की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
ट्रेन सांकेतिक आगरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 आगरा-बयाना रेलवे लाइन पर ग्राम मिढ़ाकुर स्थित गेट संख्या 62-ए 46 वर्षो से बंद है। इससे कई गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर फरवरी में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मंडल रेल प्रबंधक, आगरा छावनी को पत्र लिखकर समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरओबी या अंडरपास निर्माण की मांग दोहराई है। बताया कि आगरा रजवाह नहर किनारे बना मार्ग आगरा-जयपुर हाईवे को आगरा-जगनेर रोड से जोड़ता है, लेकिन गेट संख्या 62-ए करीब 46 वर्षों से बंद है। गेट बंद होने से नागर, सहाई, गढ़ी दौलता, गढ़ी गुलजारी, सहारा, बरारा और नगला हट्टी समेत आसपास के गांवों के लोगों को खेत, बाजार और मुख्य मार्गों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें