एटा के जलेसर ब्लॉक क्षेत्र के गांव रेजुआ के मूल निवासी किशोर कुमार लायल रेलवे में इंजीनियर हैं। इंजीनियरिंग के साथ ही वह जादुई कलाओं में भी पारंगत हैं। अपने जादुई करतब से देश-विदेश में धूम मचा चुके हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज है। उनकी प्रतिभा को सम्मान देते हुए रेलवे के अधिकारियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय कलाकार घोषित कर दिया है।
रेजुआ में जन्म के बाद कुछ साल तक ही जादूगर किशोर कुमार लायल यहां रहे। इसके बाद परिवार के साथ पश्चिम बंगाल पहुंच गए। बचपन से ही उनका रुझान जादू की ओर था। वह बताते हैं कि प्राथमिक कक्षाओं के दौरान एक कलाकार स्कूल में जादू दिखाने आता था। उससे काफी प्रभावित हुए। काफी गौर करके उसकी एक ट्रिक पकड़ ली। जब बताया तो वह भी हैरत में पड़ गया। उस समय वे कक्षा चार के छात्र थे। वह कलाकार हैरत में पड़ने के साथ ही खुश भी हुआ। उसने दो ट्रिक सिखाईं। वह लगातार जादू के लिए अभ्यास करते रहे। पढ़ाई के बाद रेलवे में नौकरी लगी, लेकिन जादू के प्रति आकर्षण और लगन बनी रही। वे वर्तमान में पूर्व रेलवे के प्रिंटिंग प्रेस हावड़ा (पश्चिम बंगाल) में कनिष्ठ अभियंता के पद पर तैनात हैं।
इसी कला के बलबूते 2016 में उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। दिल्ली के कनॉट प्लेस में आईबीएम (इंटरनेशनल ब्रदरहुड ऑफ मैजीशियन) आयोजन कराया था। इसमें कुल 265 प्रतिभागी आए थे। 1.55 मिनट में सर्वाधिक छह खेल का प्रदर्शन किया था। इसी साल अप्रैल में श्रीलंका के कोलंबो में किए गए प्रदर्शन से सम्मान प्राप्त हुआ।
एटा में भी कर चुके हैं कई शो
जादूगर लायल ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद पिता और मां गांव में रहने लगे। बाद में उनका देहांत हो गया। परिवार के अन्य सदस्य गांव में रहते हैं। तीन-चार साल में गांव आना होता है। एटा की राजकीय प्रदर्शनी के अलावा जलेसर में भी मैजिक शो कर चुके हैं।
दिल्ली में होगा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम
आईबीएम दिल्ली में 17 सितंबर को एक कार्यक्रम ओह माई गॉड करा रही है। इसमें विभिन्न तरह की कला के प्रदर्शन से कलाकारों के रिकॉर्ड दर्ज किए जाएंगे। लायल इसमें प्रतिभाग करने पहुंच रहे हैं।