कासगंज-कानपुर रेल ट्रैक पर मंगलवार रात जोखिम भरा सफर रहा। रेलवे ट्रैक की पटरी चटक गई। इस ट्रैक से दो सुपरफास्ट सहित कई मालगाड़ी और ट्रेनें गुजर गई। सुबह की-मैन ने चटकी पटरी देख रेलवे के अधिकारियों को सूचना दी।
इसके बाद रेलवे में हड़कंप मच गया। रेलवे की पीडब्लूआई टीम मौके पर पहुंच गई और रेल लाइन के मरम्मत कराई। कार्य के दौरान एक सवारी गाड़ी सहित कुछ मालगाड़ियां रोक दी गईं।
कासगंज से बधारी कलां स्टेशन के बीच रेलवे लाइन पर किलोमीटर संख्या 253/89 पर ट्रैक चटका हुआ था। बुधवार सुबह आसपास के लोगों ने देखा कि रेल की पटरी चटकी हुई है और यहां से ट्रेन, मालगाड़ी गुजर रही हैं। इसकी जानकारी लोगों ने की मैन ममता राम को दी।
इस बीच कानपुर की ओर से आ रही मालगाड़ी को कीमैन ने सतर्कता बरतते हुए लाल झंडी दिखाकर रोक लिया। रेल लाइन फ्रेक्चर होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। पीडब्ल्यूआई के इंजीनियर मुकेश कुमार पाठक बेल्डिंग टीम लेकर ट्रैक के मरम्मत को पहुंच गए।
सुबह 7:51 बजे से ट्रैक पर काम शुरू किया। इस दौरान फर्रुखाबाद से कासगंज आ रही ट्रेन संख्या 55331 को 48 मिनट बधारी कलां से पहले रोक दिया गया।कई मालगाड़ी भी ट्रैक पर ही खड़ी रही।
मरम्मत के बाद 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कॉशन देकर मालगाड़ी और ट्रेनों को पास किया गया। चटकी हुई रेल पटरी से रात में दो सुपरफास्ट और सवारी गाड़ी, मालगाड़ी गुजर गईं। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। दोपहर तक रेल ट्रैक गति के लिए पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया।
इन ट्रेनों में जोखिम भरा था सफर
-19402 सुपर फास्ट अहमदाबाद एक्सप्रेस चटके ट्रैक से गुजरी
-55331 फर्रुखाबाद-कासगंज पैसेंजर ट्रैक से गुजरी
-15039 कासगंज एक्सप्रेस चटके ट्रैक से हुई पास
-19715 फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन इसी ट्रैक से गुजरी
- 55330 शिकोहाबाद पैसेंजर ट्रैक से गुजरी
- 3 ट्रेन और 6 मालगाड़ी कॉशन देकर निकाली गईं।
रेलवे जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि कासगंज-कानपुर ट्रैक पर किलोमीटर संख्या 253 पर पटरी चटके होने की जानकारी होते ही रेलवे की टीम मौके पर पहुंच गई। काम के बाद ट्रैक पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया। कुछ ट्रेन कॉशन देकर निकाली गईं।