बिना बिल के कोविड व नारकोटिक्स दवाओं की खरीद और बिक्री
माधव ड्रग हाउस से बिना बिल के दवाओं की खरीद और बिक्री की। औषधि विभाग की शुरूआती जांच में यह जानकारी मिली है। इसमें अधिकांश दवाएं एंटीबायोटिक हैं, जिनका कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में उपयोग किया। नारकोटिक्स की दवाएं भी शामिल हैं। सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि जिन 17 तरह की दवाओं के भंडारण और स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी मिली है।
इनमें 15 दवाएं एंटीबायोटिक, खासतौर से एजिथ्रोमाइसिन दवा शामिल हैं। इन दवाओं का कोरोना के मरीजों के इलाज में उपयोग किया जाता है। अप्रैल और मई के महीने में बिक्री और खरीद के बिल में काफी अंतर मिला है। इन दो महीने में कोरोना वायरस की दूसरी लहर भी रही थी और इन दवाओं की बाजार में भारी मांग थी। बाकी दो दवाएं नारकोटिक्स की रहीं। इनका उपयोग नशे के तौर पर भी लोग करते हैं।
गर्भपात किट प्रकरण में दूसरी बार जांच
राजस्थान, हरियाणा में भ्रूण लिंग जांच गैंग के पास से गर्भपात कराने वाली किट बरामद हुई थी। पुलिस की पूछताछ में एके इंटरप्राइजेज और माधव ड्रग हाउस का नाम सामने आया था। औषधि विभाग के निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने इनकी जांच की।
जांच में एके इंटरप्राइजेज ने गर्भपात किट माधव ड्रग हाउस से खरीदी थी, बिल दिखाने पर इसे क्लीन चिट दे दी और एके इंटरप्राइजेज का लाइसेंस निरस्त करते हुए कार्रवाई की। इस पर शासन ने माधव ड्रग हाउस का निरीक्षण करने के लिए लखनऊ मुख्यालय ने आदेश दिया।
पहले दिन 10, दूसरे दिन 12 घंटे जांच
लखनऊ मुख्यालय के आदेश पर औषधि विभाग की टीम ने शनिवार को छापा मारा था। इसमें मथुरा के औषधि निरीक्षक अनिल आनंद और फिरोजाबाद के औषधि निरीक्षक सुनील कुमार को शामिल किया गया। आगरा के औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा को शाम को बुलाया गया था। जांच के पहले दिन 10 घंटे तक रिकार्ड खंगाले और रविवार को 12 घंटे तक जांच की गई।
टिटनेस के 14640 इंजेक्शन जब्त
औषधि विभाग की जांच में टिटनेस से भरे 122 कार्टन मिले थे, एक कार्टन में 120 इंजेक्शन थे। इस तरह से 14640 इंजेक्शन को जब्त किए हैं। यह खुले में रखे थे, इनको रेफ्रिजरेटर में निश्चित तापमान पर रखना होता है। इसका कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।