फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्र और अभिभावक जरूर जानें, रैगिंग की ये है नई गाइड लाइन

Wed, 31 Jan 2018 05:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
रैगिंग
विज्ञापन
अबे मोटे, ऐ ठिगने या फिर कालू बोल रहा है तो ये रैगिंग है, इसकी सीधे शिकायत कीजिए। एंटी रैगिंग सेल ने मेडिकल के जूनियर छात्रों को रैगिंग की नई गाइड लाइन के बारे में जानकारी देते हुए उनको ऑनलाइन शिकायत करने के बारे में जागरूक किया। 
विज्ञापन


मंगलवार को एंटी रैगिंग सेल के सदस्यों ने जूनियरों को रैगिंग के नए नियमों के बारे में जागरूक किया। सभी जूनियर छात्रों को एक-एक प्रति वितरण की गई। बताया गया कि जात, धर्म, रंगरूप, कदकाठी, क्षेत्र पर टिप्पणी करना रैगिंग में शुमार होगा। 

कोई भी सीनियर किसी जूनियर को पहनावा, हेयर स्टाइल बदलने के लिए भी दबाव नहीं बना सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो ये भी जूनियर की रैगिंग मानी जाएगी। इसकी शिकायत कोई जूनियर ऑनलाइन एंटी रैगिंग सेल पर कर सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रैगिंग के दोषी छात्र पर 25 हजार रुपये आर्थिक दंड के अलावा उसका प्रवेश निरस्त भी किया जा सकता है। एंटी रैगिंग सेल के अध्यक्ष डॉ. एसके कठारिया का कहना है कि मारपीट, गालीगलौज ही नहीं अब जूनियरों की शारीरिक बनावट, रंगरूप, जाति धर्म या फिर उसके क्षेत्र के बारे में टिप्पणी करना रैगिंग है। 

कई छात्रों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी। ऐसे में सभी को इसकी कापी वितरण की गई है। हॉस्टल समेत कॉलेज परिसर में होर्डिंग और दीवारों पर भी ये अंकित करवाया जा रहा है। टीम भी नियमित हॉस्टल, पुस्तकालय और कैंटीन में निरीक्षण करती है। 

एंटी रैगिंग सेल के पास 2015 बैच के छात्र ने रैगिंग की शिकायत की थी, जांच में पता चला कि दोनों की बाइक टकराने के बाद झगड़ा हुआ था। मंगलवार को दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कराने को प्रार्थनापत्र दिया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें