फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: रुनकता में बनेगा राधा-कृष्ण अष्टसखी मंदिर और 20 बेड का अस्पताल

विज्ञापन
राधा कृष्ण अष्टसखी मंदिर का प्रतीकात्मक मॉडल। - फोटो : ब्यूरो
विज्ञापन
आगरा। रुनकता में कृष्ण राधे की सरकार चैरिटेबल ट्रस्ट ने रेणुका धाम मार्ग पर राधा-कृष्ण अष्टसखी मंदिर और 20 बेड के अस्पताल निर्माण की घोषणा की है। सोमवार को सिकंदरा स्थित होटल में ट्रस्ट ने उद्घोषणा समारोह आयोजित किया।
विज्ञापन


मुख्य संरक्षक जितेंद्र चौहान ने बताया कि रुनकता के साईं बाबा मंदिर परिसर में संचालित देव आनंद दिव्यांग आश्रम में वर्तमान में 48 असहाय एवं बेसहारा बच्चे और वृद्धजन आश्रय, भोजन व देखभाल प्राप्त कर रहे हैं। आश्रम पूरी तरह सेवा भाव पर आधारित है। संस्थापक बाबा देवानंद ने बताया कि मंदिर के निर्माण का उद्देश्य यह है कि मंदिर में आने वाली दान राशि का उपयोग सीधे आश्रय गृह के बच्चों व वृद्धों पर व्यय किया जा सके।

उन्होंने बताया कि बरसाना के बाद आगरा में यह पहला भव्य अष्टसखी मंदिर होगा। यह दूधिया संगमरमर पत्थर से बनेगा और इसमें 51 सीढ़ियां होंगी। मंदिर परिसर में ही आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 20 बेड का अस्पताल तैयार होगा। ट्रस्ट के नवमनोनीत अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि धर्म तभी सार्थक होता है जब समाज का हर वर्ग निरोगी और सुरक्षित हो।
विज्ञापन


अध्यक्ष कामता प्रसाद अग्रवाल ने भी आश्रम और मंदिर-निर्माण से जुड़े कार्याें की सराहना की। उमेश बंसल, सुमंत यादव, कुलदीप ठाकुर, अजय अग्रवाल, राहुल कुमार, पवन अग्रवाल, पवन विधिचंद अग्रवाल, बबलू प्रजापति, हरेंद्र सिंह, रिचा वार्ष्णेय, बबीता पाठक आदि मौजूद रहे।

डेढ़ हजार वर्ग गज में बनेगा मंदिर, 101 फीट ऊंचा होगा गुंबद





रेणुका धाम को श्रीहरि के मानव अवतार भगवान परशुराम की माता का जन्मस्थल माना जाता है। करीब ही यमुना की कलकल करती पावन धारा बहती है। अब यहां श्वेत संगमरमर से राधा–कृष्ण अष्टसखी मंदिर बनने जा रहा है। ट्रस्ट का दावा है कि यह मंदिर धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।



सेवायत बाबा देवानंद ने बताया कि बरसाना के बाद शहर में यह पहला राधा-कृष्ण अष्टसखी मंदिर होगा। इसका भूमि पूजन 6 फरवरी 2025 को किया गया था। रुनकता के रेणुका धाम मार्ग पर 1500 वर्ग गज में मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें 51 सीढि़यां बनाई जा रही हैं। इसकी चौड़ाई 57 फीट, लंबाई 127 फीट और गुंबद की ऊंचाई 101 फीट होगी। मंदिर में ही दो हॉल बनाए जाएंगे जिसमें असहाय और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आश्रय मिलेगा। राजस्थान के शिल्पकार प्रतिमाओं को आकार देंगे। मंदिर को प्रेम मंदिर की तर्ज बनाने की कोशिश है। यह लगभग 3 से 4 साल में बनकर तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें