भ्रूण परीक्षण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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आगरा एसओजी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाईंपुर स्थित घर में भ्रूण लिंग जांच का रैकेट पकड़ा। सरगना, मकान मालिक, एजेंट समेत 6 गिरफ्तार किए हैं। भ्रूण लिंग जांच होने पर कोख में ही बेटियों को खत्म भी कर दिया जाता था। घर से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, लैपटॉप, दो कार समेत 14 हजार रुपये जब्त किए गए हैं। सभी के खिलाफ पीसीपीएनटीडी (प्री कॉन्सेप्शन एंड प्री नेटल डाग्यनोस्टिक टेक्निक एक्ट) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
सिकंदरा थाना के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि एसओजी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाईंपुर में छापा मारा। यहां पर एक कमरे में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से गर्भवती महिला के भ्रूण के लिंग की जांच करने की तैयारी कर रहे थे। मौके पर रैकेट का सरगना योगेंद्र उर्फ बनिया निवासी रैपुरा अहीर रुनकता भी पकड़ा गया। ये पूर्व में भी भ्रूण लिंग जांच कराने के मामले में पकड़ा जा चुका है और मुकदमा चल रहा है। ये मकान मालिक अतुल कुमार के साथ भ्रूण लिंग जांच का रैकेट चला रहा था। घर में ही अन्य सहयोगी मोहन सिंह यादव उर्फ बंटी निवासी मुरली नगर रुनकता, देेवेंद्र सिंह निवासी रैपुरा अहीर, सुंदर सिंह निवासी रामनगर चारबाग फिरोजाबाद को पकड़ा गया। यहां सती नगर रामबाग निवासी विनेश कुमार की पत्नी को भी गिरफ्तार किया है। ये गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए लाई थी। गर्भ में बेटी होने पर ये गर्भपात भी करवाते थे। इनके खिलाफ 18/23/25 पीसीपीएनटीडी 61(2)318/91 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
प्लाट देखने के बहाने रखी नजर, महीनेभर से कर रहे थे रैकी
पुलिस ने बताया कि बाईंपुर में भ्रूण लिंग जांच के लिए गर्भवती महिलाएं आने की मुखबिर से सूचना मिली थी। इस पर सर्विलांस की टीम महीनेभर से रैकी कर रही थी। शुक्रवार की सुबह 9 बजे सूचना मिलने के बाद टीम तय घर से 200 मीटर की दूरी पर दो कारों से अलग-अलग पहुंची। प्लाॅट और मकान देखने के बहाने आरोपियों की लोकेशन पर नजर रखी गई। जैसे ही गर्भवती महिला को लेकर एजेंट घर पहुंची, टीम ने छापा मारा। मकान मालिक टीम को घर में घुसने नहीं दे रहा था। सख्ती दिखाने के बाद अंदर गए।