आगरा में सड़क निर्माण के बिल पास करने के एवज में सवा लाख रुपये रिश्वत लेते जिसने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहायक अभियंता को रंगेहाथ गिरफ्तार कराया, उसे ही अब अभियंता धमका रहा है। शिकायतकर्ता लाल सिंह ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है।
विजिलेंस टीम ने पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 के सहायक अभियंता सुरजीत सिंह को 28 अगस्त को सवा लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 9 अक्तूबर को 42 दिन बाद जमानत मिल गई। न्यायालय विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में विजिलेंस टीम ट्रैपिंग के समय की सीसीटीवी फुटेज व डीवीआर प्रस्तुत नहीं कर सकी।
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जमानत के बाद 20 मार्च को आरोपी बहाल हो गया। 21 मार्च को पीडब्ल्यूडी में उसी पद पर तैनाती मिल गई। शिकायतकर्ता लाल सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में उल्लेख किया है कि बहाली के बाद सहायक अभियंता उनका उत्पीड़न कर रहा है। भुगतान नहीं होने दे रहा। उन्हें धमकाया भी जा रहा है।
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इस मामले में अधिशासी अभियंता गजेंद्र वार्ष्णेय को भी विजिलेंस ने आरोपी बनाया था, लेकिन उनके विरुद्ध भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, इस संबंध में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि आरोपों की जांच होगी। स्थिति से शासन को अवगत कराया जाएगा।