घटना से तत्कालीन मोरारजी सरकार के हाथ-पैर फूल गए। किसी राजनेता की रिहाई के लिए विमान हाईजैक की यह भारत में पहली घटी थी। अमर उजाला में 22 दिसंबर 1978 को प्रकाशित खबर के अनुसार, जनता पार्टी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार कर लिया था।
इंदिरा की रिहाई की मांग को लेकर दो युवा कांग्रेसियों ने इंडियन एयरलाइंस का विमान हाईजैक कर लिया था। इस घटनाक्रम की मजेदार बात यह थी की कोलकाता से दिल्ली जाने वाले विमान को हाईजैक इंदिरा समर्थक भोलानाथ पांडे और देवेंद्र पांडे ने दो नकली पिस्तौल और क्रिकेट की गेंद के सहारे किया था।
दोनों अपहर्ता काफी कशमकश के बाद माने। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राम नरेश यादव के मनाने पर विमान के 132 बंधक बनाए यात्रियों और क्रू को रिहा कर दिया। विमान का दरवाजा खोलते ही अपहरणकर्ताओं ने इंदिरा गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए।
मुख्यमंत्री ने उनकी यह मांग स्वीकार कर ली कि उन्हें विमान से वाराणसी से लखनऊ लाया जाएगा। लखनऊ पहुंचने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। यात्रियों में बिहार के खनन मंत्री पूरन चंद्र, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष राधा नंदन झा, बिहार के सूचना निदेशक विश्व मोहन सिंह और पूर्व कानून मंत्री एके सेन जैसे विशिष्ट लोग थे।