फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बटेश्वर पशु मेला: घोड़ी करिश्मा की खूबसूरती पर लट्टू हुए पारखी, खुराक बनी चर्चा का विषय; कीमत उड़ा देगी होश

Sun, 19 Nov 2023 11:32 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के बटेश्वर में पशु मेला चल रहा है। यहां घोड़ी करिश्मा की खूबसूरती पर पारखी लट्टू हुए। इसकी खुराक चर्चा का विषय बनी रही। इसकी कीमत होश उड़ा देगी। 
विज्ञापन
बटेश्वर पशु मेला: घोड़ी करिश्मा की खूबसूरती पर लट्टू हुए पारखी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में आगरा के बटेश्वर के घोड़ों के मेले में पंजाबी, नकुली, मारवाड़ी, काठियाबाड़ी, अबलक घोड़े-घोड़ी मौजूद हैं। इनकी कीमत 50 हजार से सात लाख रुपये तक है। शनिवार को पारखी पंजाबी नकुली घोड़ी करिश्मा की खूबसूरती पर लट्टू रहे।

विज्ञापन


करहल (मैनपुरी) के जयपाल सिंह ने अपनी घोड़ी करिश्मा की कीमत 8 लाख रुपये रखी है। वह कीमत की वजह घोड़ी की खूबसूरती के साथ ही तेज चाल और नाच खूबी बताते हैं। ऊंचाई भी 63 इंच है। उन्होंने बताया कि करिश्मा अदंत है। उसको रोजाना आठ लीटर दूध और सात किलो चने के दाने की खुराक दी जाती है। चाल, नृत्य, रूप, रंग को देखने के लिए पारखियों की दिनभर घोड़ी के पास भीड़ जमा रही।

मंदी से मायूस व्यापारी

बटेश्वर के सिमटते पशु मेले में मंदी से व्यापारी किसान मायूस रहे। खरीद की कीमत न मिलने पर अपनी मवेशी लेकर लौटने को मजबूर व्यापारियों का शनिवार को दर्द छलक पड़ा। बदायूं के रिजवान कादरी अपनी घोड़ी रूपवती और घोड़े कजरी के साथ वापसी की राह देख रहे थे। 

उन्होंने बताया कि घोड़ा और घोड़ी को छह लाख में खरीदा था, कीमत मिल रही थी महज पांच लाख रुपये, लिहाजा बिना बेचे लौटने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। बरेली के गफूर खां, सात घोड़े बेचने के लिए बटेश्वर मेले में लाए थे। लेकिन महज एक बिक सका। 

विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः- Agra: ताजमहल के अंदर गिरी किशोरी, सिर पर लगी चोट तो बहने लगा खून; रेस्पांस टीम ने डिस्पेंसरी पहुंचाया
विज्ञापन


गुरसागंज के मोहम्मद नसुरुद्दीन ने बताया कि 10 घोड़े और घोड़ी लाए थे। इनमें से छह बिके हैं। ऊंटों का मेला भी मंदी की मार की बजह से समय से पहले खत्म हो गया। गधे और खच्चर के मेले में भी मंदी की मार रही। हालांकि खरीदारी करने वाले किसानों के लिहाज से मंदी अच्छी रही।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें