आगरा विकास प्राधिकरण अब आपकी कॉलोनी में नाली और सड़क की मरम्मत का पैसा भी आपसे ही लेगा। बोर्ड बैठक में इसे अभिरक्षण शुल्क का नाम दिया गया है। शर्त यह भी है कि अगर किसी कॉलोनी में कोई मरम्मत कार्य न कराया जाए, तो भी यह मासिक शुल्क लिया ही जाएगा। इसकी दरें तय होना अभी बाकी है।
साथ ही निर्णय हुआ है कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन निजी कंपनियों से कराया जाएगा। यह व्यवस्था नगर निगम में फेल हो चुकी है। एडीए सभागार में हुई बैठक में अफसरों ने पैसे की कमी का रोना रोया। बोले, एडीए का खजाना खाली है। शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
पैसा जुटाने के लिए उपाय करने होंगे। इस पर प्रस्ताव आए। अंत में सहमति अभिरक्षण शुल्क पर बनी। यह एडीए की सभी कॉलोनियों से लिया जाएगा। शास्त्रीपुरम, एडीए हाइट्स, ताजनगरी फेस-1, फेस-2, शास्त्रीपुरम हाईट्स सहित शहर में एडीए की 14 से अधिक बड़ी कॉलोनियां हैं।
कूड़ा कलेक्शन निजी कंपनी करेगी
दूसरा प्रस्ताव कूड़ा कलेक्शन निजी कंपनी से कराने का पास हुआ। इसमें लोगों से यूजर चार्ज लिया जाएगा। हालांकि नगर निगम में यह व्यवस्था फेल हो जाने पर दो कंपनियों से करार खत्म हो कर चुका है। मंडलायुक्त अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार, उपाध्यक्ष शुभ्रा सक्सेना, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश, एडीएम सिटी केपी सिंह, सचिव राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, मुख्य अभियंता अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
शहर में रहना और महंगा होगा
1. गृहकर : 300 रुपये महीना (सामान्य मकान का)
2. जलकर : 200 रुपये (घरेलू कनेक्शन न्यूनतम चार्ज)
3. कूड़ा उठान : 65 रुपये महीना (यूजर चार्ज प्रति परिवार)
4. वाटर कैंपर : 450 (प्रति परिवार न्यूनतम)
5. अभिरक्षण शुल्क : 70 रुपये महीना (अनुमानित)
कुल : 1085 रुपये हर महीने
इनर रिंग रोड पर जारी रहेगा काम
बोर्ड बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। रूनकता स्थित सेंटमेरी एजूकेशन सोसाइटी में भवन निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। वहीं एडीए इनर रिंग रोड पर टोल प्लाजा के बने हुए ढांचे को खरीदेगा। अभी तक यह स्ट्रक्चर ठेकेदार का अपना बनाया हुआ है। स्मारकों के शुल्क बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया।