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अमर उजाला अभियान- विद्युत लाइनों का मकड़ जाल

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काशीराम कालोनी में पाइप लाईन की मरम्मत करते कर्मचारी- अमर उजाला - फोटो : ETAH
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कासगंज। नगर के बाजारों में खंभों पर लटकते बिजली के तार मकड़जाल का रूप ले चुके हैं। सकरे बाजारों में सड़क पर लगे खंभों की वजह से सड़कें और भी सकरी हो गई हैं। इससे हर बाजार में जाम के हालात बने रहते हैं। बिजली के तारों के जाल से लोग भी दहशत में हैं। अब लोग बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड कराने की मांग करने लगे हैं।
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जिले में कमजोर राजनीतिक पैरवी के कारण कई विकास की योजनाएं यहां लागू नहीं हो पातीं। अन्य शहरों में विद्युत लाइनों को अंडर ग्राउंड किया जा रहा है तो कासगंज में क्यों नहीं? लोगों के जेहन में यह सवाल अक्सर कौंधता है। लोगों की इस आवाज को धार देेने के लिए अमर उजाला ने अभियान शुरू किया है, जो निरंतर जारी रहेगा।
वर्तमान में शहर की यह सबसे प्रमुख और जटिल समस्या है। विद्युत लाइनें और लगे पोल बाजार के विकास में भी रोड़ा बनने लगे हैं। एक तो सड़कों का स्वरूप सकरा हुआ है। दूसरे भवनों के निर्माण में भी तमाम तरह की बाधाएं विद्युत लाइनें के चलते आती हैं। भीड़ भरे बाजार में कई बार हादसे का डर रहता है। आए दिन विद्युत लाइनें टूटती हैं और स्पार्किंग भी होती है। जहां-तहां ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनसे कई बार हादसे हो चुके हैं और हर समय हादसों का डर बना रहता है।
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आंकड़े की नजर से-
- 18 किलोमीटर लंबी है शहर में हाईटेंशन लाइन।
- 40 किलोमीटर लंबी है शहर में लोटेंशन लाइन।
- 300 ट्रांसफार्मर लगे हैं नगर में विभिन्न स्थानों पर।
- 4600 खंभे लगे हैं नगर की विभिन्न गलियों व बाजारों में।
क्या कहते हैं लोग
- विद्युत लाइनों का अंडरग्राउंड किया जाना बेहद आवश्यक है। इससे काफी परेशानी हो रही है। विद्युत पोल भवनों से काफी सटे लगे हुए हैं। जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा रहता है। यह शहर की बड़ी समस्या है। जनप्रतिनिधियों को इसका हल कराना चाहिए।
- रामकिशोर वार्ष्णेय, कारोबारी।
- बाजारों में विद्युत लाइनों का मकड़ जाल काफी खतरनाक स्थिति में है। तमाम खंभे झुक जाते हैं। कहीं-कहीं तो विद्युत लाइनें भी झूलती नजर आती हैं। जिससे हर समय सिर पर मौत का खतरा रहता है।
- संजय अग्रवाल, कारोबारी।
- विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाना अब बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि भवन के सामने पर इन लाइनों के चलते काम नहीं हो पाता। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आखिर कैसे बाजारों का विकास हो।
- मनीष मित्तल, कपड़ा कारोबारी।
- नगर के बाजारों की विद्युत लाइनें और पोल बड़ी समस्या है। इस समस्या का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या का समाधान अबिलंब कराएं। जिससे बाजारों की स्थिति में सुधार हो।
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- जितेंद्र वार्ष्णेय, जिला महामंत्री व्यापार मंडल।
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