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तीन महीने से जनसुनवाई बंद: आगरा में लंबित पड़े 146 मामले, फरियादी लगा रहे चक्कर

Sat, 19 Jun 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

जनसुनवाई कागजों में सिमट गई है। न मौका-मुआयना हो रहा, न पीड़ितों को संतुष्ट किया जा रहा है। तहसील से कलक्ट्रेट तक फरियादी चक्कर लगा रहे हैं।
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जनसुनवाई
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विस्तार
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आगरा जिले में तीन महीने से जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का मूल्यांकन ही नहीं हुआ। 44 डिफॉल्टर सहित कुल 146 मामले लंबित पड़े हैं। जिम्मेदार अफसर कभी कोविड, तो कभी आचार संहिता की आड़ लेकर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाह विभागों के खिलाफ कार्रवाई से बच रहे हैं।

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मार्च में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर स्थगित हुए तहसील दिवस दोबारा चालू नहीं हो सके हैं। जन शिकायतों के निस्तारण में आगरा फरवरी में प्रदेश में सबसे फिसड्डी 75वीं रैंक पर था। हर माह मंडलायुक्त स्तर से मूल्यांकन होता है। तीन महीने से मूल्यांकन नहीं हो सका है। 

उधर, तीन से 10 महीने पुरानी शिकायतें लेकर पीड़ित भटक रहे हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारी घर बैठे कागजों में फर्जी निस्तारण रिपोर्ट लगा रहे हैं जबकि समस्याएं जस की तस बरकरार हैं।

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भटक रहे फरियादी 
बरहन निवासी हेतराम सिंह ने 17 अगस्त 2020 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। एत्मादपुर लेखपाल और कानूनगो द्वारा खेत पर भूमाफिया का कब्जा कराने के आरोप लगाए। जांच कागजों में निरस्त हो गई। दस महीने बाद भी शिकायतकर्ता कभी तहसील, तो कभी कलक्ट्रेट भटक रहा है।

जंगजीत नगर निवासी मुन्नी देवी की जमीन दबंगों ने कब्जा ली। 20 सितंबर 20 को जमीन की पैमाइश के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। नौ महीने बाद भी कोई पैमाइश को नहीं पहुंचा। मुन्नी देवी मुख्यमंत्री, डीएम, एसडीएम को आठ से अधिक प्रार्थनापत्र दे चुकी हैं।

रसूलपुर सराय ख्वाजा निवासी आमना ने पीएम आवास योजना के लिए 2016 में आवेदन किया था। आवास नहीं मिलने पर 5 जनवरी 2021 को तहसील दिवस में शिकायत की। पांच महीने बाद कोई जांच नहीं हुई। आमना ने कहा, मेरी शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया गया है।

कोरोना की 55 शिकायतें
आईजीआरएस जनसुनवाई पोर्टल पर 30 अप्रैल से 1 जून तक कोरोना कर्फ्यू में ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन, अस्पतालों में बेड, जांच और उपचार नहीं मिलने की 55 शिकायतें दर्ज हुई हैं। कागजों में शत प्रतिशत शिकायतों के निस्तारण का दावा प्रशासन कर रहा है।  

विभागों से मांगा है स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने बताया कि तय समय में शिकायतों का निस्तारण नहीं करने वाले विभागों से स्पष्टीकरण मांगा है। जनसुनवाई जून से दोबारा शुरू हो गई है। इस महीने मूल्यांकन होगा। डिफॉल्टर व लंबित संदर्भों की जांच कराई जा रही है। 

लंबित शिकायतें
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक: 97
- नगरायुक्त नगर निगम: 19
- अपर जिलाधिकारी नगर: 05
- पीएम आवास डूडा: 05
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: 05
- उद्योग विभाग प्रबंधक: 04
- बेसिक शिक्षा विभाग: 03
- अन्य विभागों के मामले 
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तहसील दिवस में दर्ज कुल शिकायतें
- 5 जनवरी 2021: 144 शिकायतें
- 19 जनवरी 2021: 96 शिकायतें
- 2 फरवरी 2021: 88 शिकायतें
- 16 फरवरी 2021: 96 शिकायतें
- 2 मार्च 2021: 135 शिकायतें
- 16 मार्च 2021: 88 शिकायतें
(इसके बाद से तहसील दिवस बंद है)
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