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Agra News: थानेदारी तय करेगा मनोविज्ञान का टेस्ट

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आगरा। वर्दी में आम जनता पर राैब दिखाने वाले पुलिसकर्मियों को अब थानेदारी आसानी से नहीं मिलेगी। मनोविज्ञान का टेस्ट पास करने वालों को ही थाने और चाैकी का प्रभार मिलेगा। व्यवहार विशेषज्ञों की टीम अलग-अलग सेशन में पुलिसकर्मियों के व्यवहार का पता करेगी। टेस्ट में साै फीसदी अंक नहीं आने पर साइको थैरेपी दी जाएगी। थाना किरावली में किसान राजू शर्मा को इतना पीटा गया कि उनके दोनों पैरों में फ्रेक्चर हो गया। इसमें तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। एक को एसीपी के चार्ज से हटाया गया। 10 दिन बाद ही दूसरा मामला सामने आया। जीवनी मंडी पुलिस चाैकी में दूध विक्रेता की पिटाई लगाई गई। डंडे से पीटा गया। प्लास से नाखून उखाड़ने के भी आरोप लगे।
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इन दो घटनाओं ने कमिश्नरेट की पुलिस की पूरे प्रदेश में किरकिरी कराई। थाने और चाैकियों में पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल खड़े हो गए। इसको देखते हुए मनोचिकित्सकों और व्यवहार विशेषज्ञों से पुलिसकर्मियों का टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में बुधवार को पुलिस लाइन में अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह के साथ सभी डीसीपी और एसीपी ने बैठक की। इसमें विशेष रूप से व्यवहार विशेषज्ञ नवीन गुप्ता को बुलाया गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से उनके अनुभव पूछे।
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50 के समूह में दिया जाएगा प्रशिक्षण
नवीन गुप्ता ने बताया कि वर्दी पहनने के बाद पुलिसकर्मी का व्यवहार बदल जाता है। कई बार वह सोचने लगते हैं कि उन्हें आम आदमी सम्मान दे। ठीक से बात करें। जब उन्हें इस तरह का व्यवहार नहीं मिलता है तो गुस्से में आ जाते हैं। इस वजह से पिटाई और अभद्र व्यवहार की घटना सामने आती हैं। कई बार पुलिसकर्मी ड्यूटी के अधिक समय, छुट्टी नहीं मिलने और घर की परेशानी से तनाव में आ जाते हैं।
इस परेशानी का असर उनके कार्य पर पड़ता है। मनोविज्ञान के टेस्ट से पता किया जाएगा कि वह किस तरह के तनाव में हैं। कब गुस्से में आ जाते हैं? उन्हें क्या चीज और बात बुरी लगती है? तनाव की वजह क्या है? इसके लिए प्रोजेक्टिव तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इसमें पिक्चर दिखाकर तनाव के लक्षण पता किए जाएंगे। अगर किसी पुलिसकर्मी में लक्षण पाए जाएंगे तो उन्हें साइको थैरेपी दी जाएगी। जल्द ही 50-50 पुलिसकर्मियों का ग्रुप तैयार होगा। हर ग्रुप तीन-तीन घंटे तक विशेषज्ञों के साथ रहेगा।
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