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कलेक्ट्रेट में गूंजी जाट आरक्षण की आवाज

Tue, 23 Feb 2016 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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जाट आरक्षण की गूंज सोमवार को कलेक्ट्रेट में भी सुनाई दी। जाट समाज के सभी संगठनों ने एकजुट होकर हरियाणा में किए जा रहे सेना के दुरुपयोग की निंदा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय जाट महासभा के उपाध्यक्ष शैलराज सिंह ने कहा कि हरियाणा में जाट अपने हक की आवाज उठा रहे हैं। लेकिन उनकी जायज आवाज को दबाने के लिए गृह मंत्रालय और हरियाणा सरकार सेना का दुरुपयोग कर दमन चक्र चला रही है। उन्होंने कहा कि 2014 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने नौ राज्यों में जाटों को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण प्रदान किया था लेकिन वर्तमान सरकार की लचर पैरवी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2015 को आरक्षण निरस्त कर दिया। कप्तान सिंह चाहर ने मांग की कि देश के नौ राज्यों में बसे जाटों को समान रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में लाने के लिए केंद्र सरकार दोनों सदनों में विधेयक पारित करे और हरियाणा में सेना का दुरुपयोग रोका जाए। प्रदर्शन में पूर्व आईएएस रनवीर सिंह, सतेंद्र तोमर, चौधरी गोपी चंद, लखपत सिंह चाहर, ललित चाहर, कुसुम चाहर, मालती चौधरी, ओपी वर्मा, शिवदयाल वर्मा, बंटू चौधरी, पूरन चंद, रामवीर सिंह, जयपाल सिंह खिरवार, अरविंद चाहर, सोनूू चौधरी, मोहन सिंह चाहर, हरिओम जुरैल, मेघराज सोलंकी आदि मौजूद रहे। शैलराज सिंह ने बताया कि आगे की रणनीति के लिए हरियाणा के जाट नेताओं से वार्ता के बाद निर्णय लेंगे।

सांसद बाबूलाल के आवास पर किया प्रदर्शन
आगरा। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद शैलराज सिंह के नेतृत्व में जाट समाज के लोगों ने फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल के जयपुर हाउस निवास पर भी प्रदर्शन किया और उन्हें प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जाट समाज के नेताओं ने सांसद चौधरी बाबूलाल से कहा कि 23 फरवरी से शुरू हो रहे सदन के अधिवेशन इस विषय को उठाएं और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति आगरा के जाट समाज के साथ प्रधानमंत्री की बैठक कराकर 25 मार्च 2015 में किए वायदे को याद दिलाया जाए। चौधरी बाबूलाल ने भरोसा दिलाया कि वे समाज के साथ हैं।
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