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इंजीनियरों ने बिजली अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन का क्यों किया विरोध

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08एमएनपी-05-पावर हाउस में धरना देते बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एवं इंजीनियर्स के आह्वान पर बुधवार को बिजली विभाग के इंजीनियरों ने पावर हाउस में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पास धरना दिया। कार्य बहिष्कार कर दिए गए धरने के बाद अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन दिया।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को बिजली विभाग के इंजीनियरों ने कार्य बहिष्कार किया। पावर हाउस में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पास नारेबाजी करके धरना दिया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीकांत राय ने कहा विद्युत अधिनियम प्रस्तावित संशोधन तथा बिजली विभाग का निजीकरण कर्मचारियों के साथ ही उपभोक्ताओं के हितों के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा अगर केंद्र और प्रदेश सरकार ने कर्मचारी और जन विरोधी नीतियां वापस न लीं तो बिजली कर्मचारी और इंजीनियर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इससे विभाग के कई अभियान पूरी तरह प्रभावित होंगे। सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए।
विद्युत अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन सहित बिजली विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेना चाहिए। एसडीओ रजत शुक्ला, जेई प्रतीक यादव, त्रिलोकी सिंह, अनुज दुबे, पंकज कनौजिया, रामसनेही, मनोज कुमार, आशीष कुमार, योगेश गौतम, सौदान सिंह, अरुण कुमार, उपेंद्र राज सिंह मौजूद रहे।
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