आगरा के डौकी के बाबा मुंशीदास की 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की फर्जी वसीयत तैयार करके कब्जाने के मुकदमे में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। फर्जीवाड़े में बाबा के बेटे, पत्नी, तहसील के अधिवक्ता गुरु कपूर उर्फ कम्मो, तहसील कांड के सरगना प्रशांत व अजय के अलावा तहसील के दो प्राइवेट कर्मचारियों सहित सात लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है। इसमें संगठित अपराध की धारा 111 बीएनएस, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज लगाने की धाराएं लगाई गई हैं।
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तहसील सदर में फर्जी बैनामा कांड के खुलासे के बाद एसआईटी ने जांच शुरू की थी। इसी कड़ी में एसआईटी के पास डौकी (फतेहाबाद) के चर्चित बाबा मुंशीदास की करोड़ों की संपत्ति हथियाने की साजिश की शिकायत आई थी। एसआईटी प्रभारी रहे एसीपी विनायक भोंसले ने बताया कि बाबा मुंशीदास ने दो विवाह किए थे।
उनकी पहली पत्नी राजवती और दूसरी उर्मिला हैं। उर्मिला ने एसआईटी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति बाबा मुंशीदास की संपत्ति के फर्जी कागजात तैयार कराए गए हैं। दरअसल बाबा मुंशीदास की वर्ष 2017 में आश्रम में हत्या कर दी गई थी। इसके पहले बाबा की पत्नी राजवती उर्फ विमला अपने बेटे राजकुमार को लेकर देहरादून चली गई थीं। बाबा ने आश्रम में रहने वाली उर्मिला से दूसरी शादी कर ली। उर्मिला से बाबा के पांच बच्चे हैं। बाबा की मौत के बाद दोनों पत्नियों में विवाद शुरू हो गया था।
जांच में सामने आया कि राजकुमार ने तहसील कांड के आरोपी प्रशांत कुमार और अजय सिसौदिया से मिलकर फर्जी वसीयत तैयार की। जिल्दबही को फाड़ा गया। जिस नंबर पर वसीयत चढ़ाई गई थी, वह निधि अग्रवाल के नाम पर दर्ज थी। विवेचनाधिकारी इंस्पेक्टर राजवीर सिंह ने बताया कि बाबा मुंशीदास की फर्जी वसीयत बनाकर, तहसील के अभिलेखों में हेरफेर करने और तहसील के रिकार्ड में दर्ज कराने के मामले में जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
चार्जशीट में बाबा मुंशीदास के बेटे राजकुमार निवासी फतेहाबाद, पत्नी राजवती के अलावा प्रशांत शर्मा, अजय सिसौदिया, गुरु कपूर उर्फ कम्मो निवासी लोहामंडी, तहसील का प्राइवेट कर्मी टीटू उर्फ टेली मैक्स निवासी मधु नगर, चित्र सिंह को आरोपी बनाया गया है। इनमें प्रशांत शर्मा और अजय सिसौदिया तहसील सदर के फर्जी बैनामा कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इनमें राजवती ने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले रखी है। अन्य आरोपी जेल में हैं।
पथरी की दवा देने पर फैली थी बाबा की ख्याति
डौकी के ग्राम नरी गुढ़ा के रहने वाले मुंशीलाल के छह भाई थे। पुलिस ने बताया कि 80 के दशक में मुंशीलाल ने लोगों को दही में पथरी की दवा देना शुरू किया। इसके बाद उनकी ख्याति फैली तो आसपास के जिलों से भी उनके अनुयायी बन गए। बाबा पर दान भी आने लगा। डौकी में विशाल आश्रम बनवाया। इसके अलावा फतेहाबाद, रकाबगंज में मकान और दुकानें सहित कई संपत्तियां खरीदीं। वर्ष 2017 में बाबा की हत्या कर दी गई थी।