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जमीन खरीदने वालों को बड़ा झटका: थर्ड पार्टी को नहीं मिलेगी वसीयत और पावर ऑफ अटॉर्नी की नकल, लागू हुआ नया नियम

Thu, 30 Jul 2026 09:54 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

स्टांप एवं निबंधन विभाग ने वसीयत और पावर ऑफ अटॉर्नी की सत्यापित प्रतिलिपि जारी करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब थर्ड पार्टी को इन दस्तावेजों की नकल नहीं मिलेगी और पहचान पत्र व फोटो अनिवार्य होंगे।
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आगरा सदर तहसील निबन्धन भवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए दस्तावेजों के सत्यापन में जुटे खरीदारों को इन दिनों खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब निबंधन विभाग के अभिलेखागार से किसी भी थर्ड पार्टी को वसीयत और पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) की नकल नहीं मिल सकेगी।
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नकल प्राप्त करने के लिए निबंधन विभाग ने अब पावर ऑफ अटॉर्नी और वसीयत करने वाले पक्षकारों के पहचानपत्र की छायाप्रति और एक पासपोर्ट साइज फोटो को आवेदन के साथ लगाना अनिवार्य कर दिया है। बिना पहचान पत्र और फोटो के इन अहम दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां जारी नहीं की जा रही हैं। इस नई व्यवस्था के चलते दस्तावेजों के सत्यापन के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग कई दिनों से आवेदन करने के बाद कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जानकारी के अभाव और दस्तावेजों की कमी के चलते अब तक 15 से अधिक आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं।
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उपायुक्त स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन योगेश कुमार ने बताया कि पावर ऑफ अटॉर्नी और वसीयत की नकल के संभावित दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से शासन ने यह कड़ा कदम उठाया है। इसी के तहत अब नकल चाहने वालों के लिए मूल पक्षकारों का पहचान पत्र और फोटो देना अनिवार्य कर दिया गया है।
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सदर तहसील बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद दुबे ने इस नई व्यवस्था से उत्पन्न हो रही व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान खींचा है।

उन्होंने बताया कि कई मामले ऐसे हैं जिनमें मूल पक्षकारों की वर्षों पहले मृत्यु हो चुकी है और उन संपत्तियों की चार से पांच बार खरीद-फरोख्त भी हो चुकी है। ऐसे में पुराने मामलों का सत्यापन करने के लिए अक्सर नए खरीदार पुरानी प्रतियां मांगते हैं, ताकि संपत्ति खरीद में उनके साथ भविष्य में किसी तरह की धोखाधड़ी न हो लेकिन शासन की इस नई व्यवस्था से संपत्ति का पारदर्शी सत्यापन चाहने वाले लोगों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
 
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