4,50,000 रुपये की दवाएं और पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर के 4500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूले गए। 42 हजार रुपये की सर्जरी का बिल भी बनाया, जबकि ऑपरेशन करने के लिए परिजनों से कोई सहमति नहीं ली गई थी। 11 मई को पति का देहांत हो गया।
रिचा बत्रा का कहना है कि करीब नौ लाख रुपये उनसे वसूले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पति जब भर्ती किए थे, तब उनके गले में सोने का लॉकेट भी था, वह भी चोरी हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री और डीएम के यहां शिकायत करते हुए बिल की जांच कराने की मांग की है।
सभी आरोप बेबुनियाद
अस्पताल संचालक डॉ. रविंद्र मोहन पचौरी ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती और ना ही गलत बिल वसूले गए हैं। इलाज के वक्त यथास्थिति परिजनों को बताते रहे। जांच के लिए तैयार हैं।