कासगंज। निजी बस मालिकों ने डग्गेमार वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते अपने परमिट सरेंडर कर दिए। इससे शहर के प्रमुख निजी बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद हो गया। लोग ऑटो के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं।
शहर में वर्ष 2017 तक चार प्राइवेट बस स्टैंड थे। कासगंज इस्माईलपुर स्टैंड से सांकरा, ठंडी सड़क निजी बस स्टैंड से बिल्सी बिसौली, सहावर, गंजडुंडवारा, पटियाली, सहावर गेट बस अड्डा से अमांपुर, सिढ़पुरा एवं बिलराम छर्रा अड्डा से अतरौली तक के लिए 90 निजी बसों का संचालन होता था। लेकिन शहर में धीरे-धीरे बढ़ती गई ऑटो की संख्या ने इनके संचालन प्रभाव डाल दिया। लोग ऑटो के माध्यम से यात्रा करने लगे। ऑटो के बढ़ते प्रचलन के चलते मार्गाें पर निजी बसों का संचालन बंद हो गया। निजी बस स्वामी को बस के संचालन में घटा होने लगा और ईधन की बचत भी नहीं निकल पा रही थी। वर्ष 2017-21 तक 70 बसों के स्वामियों ने अपने परमिट सरेंडर कर दिए।
निजी बस स्वामी नाम छापने की शर्त पर बताया कि डग्गेमार वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते शहर में निजी बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद हो गया। टैक्स से बचने के लिए बस संचालकों ने अपने रजिस्ट्रेशन भी सरेंडर कर दिए और बसों कबाड़ में कटवा दिया। निजी बस स्टैंड से बसों संचालन बंद हो जाने के बाद अब यह बस स्टैंड सिर्फ नाम के लिए रह गए हैं।