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Agra: पृथ्वीनाथ मेला...मंदिर में महाकाल के रूप में दर्शन देंगे महादेव, श्रद्धालुओं का उमड़ेगा हुजूम

Sun, 03 Aug 2025 10:34 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

सावन के चाैथे सोमवार को प्राचीन पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर मेला का आयोजन होगा। इसमें श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर लगेगा मेला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में सावन महीने के चौथे सोमवार को शाहगंज स्थित प्राचीन पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर मेला लगेगा। तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। उद्घाटन रविवार को दिन में तीन बजे होगा। सोमवार को सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। छह पहर की आरती होगी। शाम को बाबा का महाकाल के रूप में मनमोहक शृंगार के साथ फूल बंगला सजेगा। छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। रात में भजन संध्या होगी। भीड़ को नियत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में बेरिकेडिंग के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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महंत अजय राजौरिया ने बताया कि पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर प्राचीन है। यहां स्थापित शिवलिंग भी विशेष है। इसमें एक ही पत्थर पर शिवलिंग और शिव परिवार विराजमान है। रविवार को दिन में तीन बजे केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और एमएलसी विजय शिवहरे मेले का उद्घाटन करेंगे। सोमवार सुबह तीन बजे भगवान का अभिषेक किया जाएगा।

 
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चार बजे मंगला आरती के बाद भक्तों के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। इसके उपरांत सात बजे बाल भोग आरती, सायं 4 बजे मध्यान्ह काल आरती, शाम सात बजे अभिषेक आरती, आठ बजे वार्षिक आरती, 10 बजे शयन आरती होगी। शाम को बाबा का महाकाल के स्वरूप में शृंगार होगा।

पॉलिथीन का प्रयोग वर्जित
मंदिर समिति ने शिव भक्तों से अपील की है कि वह मंदिर में जल और दूध के लिए पॉलिथीन या प्लास्टिक के बर्तन का उपयोग न करें। समिति ने मंदिर परिसर में प्लास्टिक और पॉलिथिन का प्रयोग पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है।

पृथ्वीराज चौहान के नाम से जुड़ा है पृथ्वीनाथ मंदिर का नाम
महंत अजय राजौरिया बताते है कि मंदिर के संबंध में रोचक किस्सा भी है। एकबार पृथ्वीराज चौहान अपने सिपाहियों के साथ कहीं जा रहे थे। रात विश्राम के लिए उन्होंने यहां एक टीले पर पेड़ से अपना घोड़ा बांध दिया लेकिन घोड़े की रस्सी बार-बार खुल जाती थी। इस दौरान टीले की खुदाई कराने पर उन्हें एक शिवलिंग दिखाई दिया। सैनिकों ने शिवलिंग को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन शिवलिंग का आधार उन्हें नहीं मिला। इस पर उन्होंने शिवलिंग को वहीं स्थापित कर दिया। इसलिए मंदिर का नाम पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पड़ा।

भक्तों के लिए एकल प्रवेश की व्यवस्था
सोमवार को मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी। इसे देखते हुए मंदिर में एकल प्रवेश की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु मुख्य द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे और पीछे वाले दूसरे द्वार से बाहर निकलेंगे। महिलाओं और पुरुषों के लिए बैरिकेट लगाकर अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
 
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