उत्तर प्रदेश के कासगंज जिला जेल में एक 22 वर्षीय कैदी की आत्महत्या का मामला सामने आया है। शनिवार को सुबह जब जेल प्रशासन ने हाई सिक्योरिटी बैरक में एक कैदी का शव फंदे पर लटका देखा तो पूरे जेल महकमे में हड़कंप मच गया। जेल पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम हाउस पर शव भेजा गया। जहां परिजन पहुंचे तो उन्होंने हत्या की आशंका व्यक्त की। देर शाम तक परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने परिजनों को समझा-बुझाकर और मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन देने के बाद शव भेज दिया है।
मामला उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर कोतवाली क्षेत्र के अकबरपुर गांव हरिबंशपुर का है। यहां का रहने वाला ज्ञान प्रताप सिंह पुत्र वीरेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 2018 में हत्या के आरोप में जेल में बंद था। उस पर 6 आपराधिक मामले चल रहे है। अंबेडकरनगर पुलिस ने उसे पहले अयोध्या जेल में रखा। यहां से फरवरी 2019 में उसे कासगंज जिला जेल भेजा गया। अफसरों के मुताबिक विचाराधीन कैदी को हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया। जहां शुक्रवार की रात को उसने चादर से जंगले से लटक कर फांसी लगा ली।
शनिवार सुबह प्रभारी जेल अधीक्षक राजीव कुमार को जानकारी हुई कि एक विचाराधीन कैदी ने आत्महत्या कर ली है। प्रभारी जेल अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से जेल में अलर्ट किया। जेल कर्मी ओर सोरो कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतारकर मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। सोरो कोतवाली पुलिस के सहयोग से शव को पोस्टमार्टम गृह कासगंज भेजा। सूचना पर यहां मृतक के परिजन पहुंच गए और हत्या आशंका का आरोप लगाने लगे।
मृतक के भाई भानु सिंह ने बताया कि 3 दिन पहले ही भाई ने मुझे बताया कि मेरी हत्या हो सकती है। बंदी के परिवार के लोगो को मामले की पूरी जांच कराने का भरोसा दिया है। राजीव कुमार, प्रभारी जेल अधीक्षक ने कहा कि ज्ञान प्रताप सिंह जो अकबरपुर अंबेडकर नगर का रहने वाला है, उसके खिलाफ 6 मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासनिक आधार पर जिला कारागार अयोध्या से उसे जिला जेल कासगंज भेजा गया था। उसने चादर से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली है।