ताजगंज प्रोजेक्ट में कंस्ट्रक्शन कंपनी मनमानी कर रही है और अफसर खामोश हैं। ताजमहल के गेट पर पानी भरने की आशंका जताने के बाद भी ताजगंज प्रोजेक्ट में सड़क से एक फुट ऊंचाई पर रेड सैंड स्टोन बिछाया जा रहा है। महानिदेशक पर्यटन नवनीत सहगल ने सोमवार को ताजगंज का निरीक्षण किया तो हैरत में पड़ गए। उन्होंने निर्माण निगम अफसरों को हिदायत दी कि अगर खामियां मिलीं तो दोबारा से सड़क बनानी पड़ेगी। ताज के गेट पर पानी न भरे, इसलिए सड़क खोदकर लेवल नीचे किया जाए और तब रेड स्टोन लगवाया जाए।
महानिदेशक पर्यटन नवनीत सहगल ने सोमवार दोपहर ताजगंज प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सहगल ने ताज पूर्वी गेट पर पाठक प्रेस से लेकर मुगल म्यूजियम तक दस स्थानों पर ग्रेनाइट और रेड स्टोन के साथ कर्व स्टोन के काम देखे और कम मोटाई के पत्थर मिलने पर अफसरों को चेतावनी दी कि शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाहजहां गार्डन से लेकर पूर्वी गेट और पश्चिमी गेट पर लेबर की संख्या बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर को कहा गया है, ताकि प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा हो सके। सहगल ने रेड सैंड स्टोन लगाने से पहले कोलतार की सड़क खोदाई कर लेवल नीचे लाने और फिर सड़क बनाने के निर्देश दिए, ताकि रोड ऊंचा न हो जाए। पूर्वी गेट पर एक फुट ऊंचा रोड होने से ताज के गेट पर एकदम ढलान हो जाएगा, जिससे पानी गेट के अंदर पहुंचेगा। दशहरा घाट की ओर से भी ऊंचाई होने से ताज के अंदर पानी पहुंचेगा। महानिदेशक पर्यटन ने एएसआई की आपत्ति के मद्देनजर इस पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
निरीक्षण के दौरान डीएम पंकज कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार और निर्माण निगम प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप सिंह मौजूद रहे।