नए साल में एसएन मेडिकल कॉलेज की सूरत सुधर सकती है। टीबी विभाग, टूटी सड़क-चहारदीवारी, जर्जर हॉस्टल की मरम्मत के लिए कॉलेज प्रशासन ने 16.58 करोड़ रुपये का बजट शासन से मांगा है। शनिवार को प्राचार्य प्रस्ताव लेकर लखनऊ पहुंचे और प्रमुख सचिव के साथ बैठक कर बजट का प्रस्ताव सौंपा। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि बीते दिनों चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना को कॉलेज में मरम्मत के लिए मद मांगा था, इस पर उन्होंने प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था।
समस्या एक:
टूटी-उखड़ी सड़कें: 4.29 करोड़ रुपये मांगे हैं। इससे इमरजेंसी से कॉलेज के गेट तक कंक्रीट और अंदर डामर की सड़क बनेगी। सभी विभागों को मिलाकर करीब तीन से पांच किमी की सड़क बननी है।
समस्या दो:
जर्जर पुरुष छात्रावास: वरिष्ठ पुरुष छात्रावास की मरम्मत के लिए 3.50 करोड़ रुपये मांगे हैं। छात्रावास के कमरे जर्जर हैं, बरसात में छत टपकती है। दीवारों का प्लास्टर झड़ रहा है।
समस्या तीन:
जर्जर टीबी विभाग: विभाग की छत गिर रही है, चहारदीवारी टूटी हुई है। शौचालय टूटे हुए हैं। लैब की छत भी गिरी हुई है। इसकी मरम्मत के लिए भी 3.50 करोड़ रुपये मांगे हैं।
समस्या चार:
टूटी चहारदीवारी: एसएन कॉलेज की करीब पांच किलोमीटर की चहारदीवारी है। यह कई जगह गिर चुकी है। इससे बाहरी तत्व अंदर प्रवेश करते हैं। इसकी मरम्मत के लिए दो करोड़ रुपये मांगे हैं।
समस्या पांच:
पुस्तकालय: डेढ़ सौ साल पुरानी पुस्तकालय की इमारत जर्जर होती जा रही है। प्लास्टर गिर रहा है। इसकी मरम्मत के लिए 1.29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
समस्या छह:
नॉन कोविड मरीज: नॉन कोविड मरीजों के ऑपरेशन और अन्य जरूरत के सामान के लिए दो करोड़ रुपये मांगे हैं। ऑपरेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, इससे उपकरणों की जरूरत पड़ेगी।
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