आगरा। हत्या और आयुष अधिनियम के 15 साल पुराने हत्या के मामले में न्याय में हो रही देरी पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। एडीजे-13 (अपर जिला जज) महेश चंद वर्मा की अदालत ने एसएसपी अलीगढ़ को आदेश दिया है कि वह तत्कालीन उपनिरीक्षक इंद्रधनुष की गवाही सुनिश्चित करें, अन्यथा उन्हें स्वयं अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा।
वर्ष 2011 में हत्या एवं आयुध अधिनियम की धारा के तहत थाना ताजगंज में केस दर्ज हुआ था। यह एडीजे-13 महेश चंद वर्मा की अदालत में राज्य बनाम सत्यवीर आदि के नाम से लंबित है। इसमें उपनिरीक्षक इंद्रधनुष अभी तक गवाही देने नहीं आए। अदालत ने समन जारी करने एवं कोर्ट पैरोकार के फोन पर गवाही देने आने की सूचना दी। उपनिरीक्षक इंद्रधनुष ने कहा कि अधिकारी गवाही के लिए अदालत आने की अनुमति नहीं प्रदान कर रहे हैं। एडीजे-13 ने तब एसएसपी अलीगढ़ को आदेश दिया है कि वह गवाही के लिए उपनिरीक्षक इंद्रधनुष को अदालत भिजवाना सुनिश्चित करें, अन्यथा स्वयं अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। अदालत ने कहा क्यों न जानबूझ कर न्यायालय की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने के लिए अवमानना का मामला हाईकोर्ट को संदर्भित कर दिया जाए। संवाद