डा. भीमराव अंबेडकर विवि की मुख्य परीक्षा में इस बार परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए नई व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों को ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें कक्षावार परीक्षार्थी की उपस्थिति और अनुपस्थिति दर्ज की जाएगी।
बता दें, पूर्व की परीक्षाओं में भी केंद्र परीक्षार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा देते थे, पर वह मैनुअल होता था। जो परीक्षार्थी अनुपस्थिति होते थे, उनका रोल नंबर कागज पर लिखकर दिया जाता था। इसके चलते तमाम गड़बड़ियां हुईं। शैक्षणिक सत्र 2014-15 और 2015-16 में करीब 31000 परीक्षार्थी ऐसे रहे, जो दो या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहे। हालांकि इनका ब्योरा उपलब्ध नहीं हो सका। विवि प्रशासन ने इन्हें अनुपस्थित ही माना।
कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि परीक्षार्थियों की उपस्थिति को पारदर्शी बनाने के लिए ओएमआर शीट की व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक परीक्षा में इस पर उपस्थिति दर्ज की जाएगी। शीट नोडल सेंटरों पर कापियों के साथ पहुंच जाएगी। इसे कंप्यूटर में सेव करने के साथ हार्डकापी भी सुरक्षित कर ली जाएगी। इससे बाद में किसी भी परीक्षार्थी की अनुपस्थिति को लेकर असमंजस की स्थिति नहीं पैदा होगी।
एमबीबीएस सप्लीमेंटरी बैच का परिणाम घोषित
मुख्य परीक्षा 10 की जगह 11 मार्च से होगी
आगरा (ब्यूरो)। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने गुरुवार शाम एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशन के सप्लीमेंटरी बैच के परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित कर दिया। 10 से 15 परीक्षार्थियों ने सप्लीमेंटरी परीक्षा दी थी। विश्वविद्यालय के पीआरओ डा. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि सप्लीमेंटरी बैच के परिणाम के चलते एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल की मुख्य परीक्षा के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। 10 मार्च की जगह अब 11 मार्च से परीक्षा शुरू होगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परीक्षा के संबंध में जानकारी अपलोड कर दी गई है।
यूनिवर्सिटी कोर्ट की मीटिंग नौ को
आगरा (ब्यूरो)। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कोर्ट की मीटिंग नौ अप्रैल को बृहस्पति भवन में होगी। चार वर्ष बाद बैठक होने जा रही है। इसमें डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए एक सदस्य नामित किया जाएगा। विश्वविद्यालय कोर्ट के 50 सदस्य हैं। इसमें डीन और विभागाध्यक्ष शामिल हैं।
विश्वविद्यालय छापेगा शोध जनरल
आगरा (ब्यूरो)। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय कला और विज्ञान के शोध जनरल छापने जा रहा है। पीआरओ डा. गिरजाशंकर ने बताया कि 27 साल बाद विश्वविद्यालय में शोध जनरल प्रकाशित किए जाएंगे।