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UP: एक रुपये का पर्चा और दवाओं पर 550 से ऊपर तक का खर्च, इलाज के लिए मरीज झेल रहे आर्थिक मार

Thu, 26 Jun 2025 11:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक रुपये के पर्चे पर दवाएं 550 रुपये से लेकर 623 रुपये से ऊपर तक की लिखीं  जा रही हैं। 
 
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एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बारिश और उमस से त्वचा रोग, कान रोग और पेट रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एसएन मेडिकल काॅलेज में इन मर्ज की दवाओं की कमी है। सबसे ज्यादा ईएनटी और त्वचा रोग की दवाओं का टोटा है। मरीजों को पर्चे पर लिखी 7 दवाओं से दो-तीन ही मिल पा रही हैं। 500 से अधिक की दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
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एसएन में प्रतिदिन औसतन 3 हजार मरीज आ रहे हैं। इनमें बारिश पड़ने, उमस से स्कैबीज, खुजली, फंगल इन्फेक्शन, कान में दर्द, सूजन, कान में संक्रमण, टायफायड, डायरिया समेत अन्य परेशानी बढ़ रही हैं। इनकी दवाओं की कमी है। मरीजों का कहना है कि महंगी दवाएं बाजार से ही खरीदनी पड़ रही हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि कंपनियों की ओर से बीते दो सप्ताह में दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे ये दिक्कत बनी है। कंपनी से बात की है, इसी सप्ताह से जरूरी दवाएं उपलब्ध होने लगेंगी।

ये बोले मरीज:
623 रुपये की खरीदनी पड़ी दवाएं
पत्नी के त्वचा रोग की परेशानी पर एसएन में इलाज चल रहा है। पर्चे पर लिखी इक्कादुक्का ही दवाएं मिल पाती हैं। 623 रुपये की दवाएं खरीदनी पड़ी हैं। - ब्रजमोहन, जलेसर
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महंगी दवाएं बाहर से खरीदीं
कान और पेट रोग की परेशानी पर एसएन में बेटे और खुद को दिखाने आई। सस्ती दवाएं यहां से मिल जाती हैं, महंगी दो दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ी हैं। - राजकुमारी, ईदगाह

मौसमी बीमारियाें की दवाएं बढ़ानी चाहिए
स्कैबीज की तीन दवाएं काउंटर से मिलीं, बाकी की 550 रुपये की खरीदीं। अस्पताल प्रशासन को मौसमी बीमारियों की दवाओं का स्टॉक में रखनी चाहिए। - चिरंजीव शर्मा, सेंट जोंस चौराहा
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