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फिरोजाबाद कांच उद्योग में उत्पादन शुरू करने की तैयारी, चूड़ी बनाने में होगी दुश्वारी

Wed, 06 May 2020 06:50 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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लॉकडाउन में बंद पड़ी कांच फैक्टरी - फोटो : अमर उजाला
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औद्योगिक गतिविधियां शुरू कराने संबंधी शासन की घोषणा के बाद फिरोजाबाद के कांच उद्योग क्षेत्र में भी उत्पादन प्रक्रिया शुरू कराने को लेकर हलचल है। जिले के उद्योग विभाग ने कांच ग्लास और चूड़ी उद्योग से जुड़ीं विभिन्न एसोसिएशन को पत्र जारी किया है।
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कुछ शर्तों का उल्लेख करते हुए उद्योग विभाग ने उत्पादन शुरू करने की इच्छुक इकाइयों से आवेदन मांगे हैं। हालांकि औद्योगिक ढांचे में शासन द्वारा निर्धारित मानकों के तहत चूड़ी कारखानों में काम शुरू होना मुश्किल होगा। बोतल बनाने वाली ऑटोमैटिक कारखाने संचालित किए जा सकते हैं। 

ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा निर्धारित कैटेगरी के अनुसार फिरोजाबाद का कांच उद्योग ओरेंज श्रेणी में है। प्रदेश सरकार द्वारा अति जोखिम से परे औद्योगिक गतिविधियों को कुछ शर्तों के साथ शुरू कराने की घोषणा की है। इसमें फिरोजाबाद का कांच और चूड़ी उद्योग भी शामिल है।
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कांच फैक्टरी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
शासन की घोषणा के बाद जिले का उद्योग विभाग भी कांच उद्योग जगत में उत्पादन का पहिया पटरी पर लाने की कसरत में जुट गया है। उद्योग विभाग ने इकाई शुरू करने के इच्छुक उद्योगपतियों से आवेदन मांगे हैं। कांच उद्योग से जुड़ीं विभिन्न एसोसिएशन के नाम जारी पत्र में उपायुक्त उद्योग द्वारा कुछ शर्तों का भी उल्लेख किया है। इसमें खास तौर पर श्रमिक और सहयोगी स्टाफ के बीच सोशल डिस्टेंसिंग एवं  फैक्ट्री के आंतरिक भाग में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की बात कही गई है। 

कांच उद्योग क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता
शासन की पहल को फिरोजाबाद का कांच उद्योग जगत सकारात्मक दृष्टिकोण से देख रहा है। द ग्लास मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन एवं द ग्लास सिंडिकेट के जिम्मेदार पदाधिकारियों के अनुसार लगभग 45 दिन से ठप कांच उद्योग को इससे राहत मिलेगी। वहीं बेकारी का संकट झेल रहे कांच श्रमिकों को भी संजीवनी मिल सकेगी।

चूड़ी उद्योग के सुचारू होने में संशय
चूड़ी उत्पादन इकाइयों में कामकाज शुरू होने में बड़ा संदेह है। अधिकांश इकाइयों में शटडाउन की स्थिति है। वहीं यहां कार्यप्रणाली के अनुसार श्रमिकों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना काफी मुश्किल होगा। 

इन बिंदुओं पर देना होगा ध्यान
उद्योग विभाग द्वारा कांच उद्योग जगत से जुड़ी एसोसिएशंस को जारी पत्र में दस बिदुंओं पर व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा है। इन शर्तों को पूरा कराने की स्थिति में ही संबंधित इकाई दोबारा शुरू कराने की अनुमति दी जाएगी।
 

पांच प्रमुख शर्ते-
- इकाई हॉटस्पॉट एरिया में नहीं होनी चाहिए। 
- हॉटस्पॉट इलाके का कोई भी व्यक्ति इकाई में दाखिल नहीं होगा।
- श्रमिक और सहयोगी स्टाफ को उसके आवास स्थल से लाने-ले जाने का जिम्मा सेवायोजकों को लेना होगा।
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराना होगा। इसके अलावा सतत सैनिटाइजेशन का इंतजाम।
- कार्यस्थल पर न्यूनतम श्रमिक उपस्थिति के सिद्धांत का पालन कराना होगा। 

जिले में कुल ग्लास और चूडी उत्पादक इकाईयों का विवरण
- ऑटोमेटिक प्लांट कांच बोतल निर्माण इकाई 18
- माउथ ब्लोइंग इकाइयों की संख्या-----  60
- कांच चूड़ी निर्माता इकाइयां------------121
- एमएसएमई के माध्यम से स्थापित इकाइयां 350
 
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- प्रशासन और उद्योग विभाग के अधिकारियों से वार्ता हुई है। कांच इकाइयों में उत्पादन का पहिया पटरी पर लाने के लिए की गई पहल को सकारात्मक ढंग से ले रहे हैं। कुछ दिक्कतें हैं। इनके बारे में अधिकारियों से वार्ता कर रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे। राज कुमार मित्तल,  अध्यक्ष यूपीजीएमएस

- चूड़ी उद्योग को शुरू कराने में व्यवहारिक रूप से काफी मुश्किल है। चूड़ी इकाइयों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना संभव नहीं होगा। हम स्थिति और अधिक सामान्य होने तक इंतजार करेंगे। -हनुमान प्रसाद गर्ग, द ग्लास इंड्रस्ट्रीयल सिंडीकेट

- चूड़ी कारखाने, पॉट फर्नेश और विलोम के कारखानों में काम लगाना मुुश्किल होगा। इन कारखानों में आठ फीट की दूरी पर 12 श्रमिक काम करते हैं। इन्हें दूर-दूर नहीं किया जा सकता। चूड़ी कारखानों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकेगा। -अभिषेक मित्तल, चूड़ी उत्पादक 

शासन की मंशा एवं जिलाधिकारी से मिले निर्देशों के उपरांत कांच उद्योग जगत को इकाई शुरू कराने के लिए पत्र जारी किए हैं। कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। आवेदन करने वाली इकाइयों में उत्पादन प्रक्रिया शुरू कराने की संभावनाएं तलाशेंगे। अमरेश पांडे - उपायुक्त उद्योग
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