कहा जाता है कि सब जग होरी..या ब्रज होरा। मथुरा 40 दिनों तक होली के रंग रंगा रहता है। वैसे तो ब्रज की होली हर साल खास होती है, लेकिन इस साल और भव्य बनाने की तैयारी है। वसंत पंचमी से होली का डांढ़ा गड़ने के साथ ही आयोजन शुरू हो जाएंगे। मंदिरों में समाज गायन और रसिया गायन होगा।
वसंत पंचमी यानि 10 फरवरी को ब्रज में होली का डांढ़ा गढ़ जाएगा। डांढ़ा गड़ने के साथ ही ब्रज के सभी प्रमुख मंदिरों में होली के रंग उड़ने लगेंगे। मंदिरों में ठाकुर जी के समक्ष समाज गायन और रसिया गायन होगा। वहीं शासन ने भी मथुरा की होली को और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रविवार को हुई पर्यटन विभाग और ब्रज तीर्थ विकास परिषद की संयुक्त मीटिंग में फैसला लिया गया कि इस बार रंगोत्सव सात से दस दिन का होगा। सभी तीर्थस्थलों पर रंगोत्सव मनाया जाएगा। पिछले साल केवल दो दिन का रंगोत्सव मनाया गया था। रंगोत्सव के दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री भी मौजूद रहेंगे। बरसाना, नंदगांव और वृंदावन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार भव्य आयोजन होंगे। इसके लिए प्लान बनाया जा रहा है। मीटिंग में पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया था। बताया जाता है कि इस बार पर्यटन विभाग ब्रज की होली की बड़े पैमाने पर मार्केटिंग करेगा।
सभी बड़े शहरों में आयोजनों की तिथियों वाले होर्डिंग लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश के साथ ही आसपास के राज्यों में भी आयोजनों का प्रचार किया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक लोग पहुंच सकें। ब्रज की होली के इतिहास से संबंधित साहित्य छपवाकर बांटे भी जाएंगे।