सोरोंजी। मेला मार्गशीर्ष में अब आठ दिन का समय रह गया है। इसकी तैयारियों ने भी जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। 19 नवंबर को मेले का ठेका भारत कंस्ट्रक्शन को मिलने के बाद ठेकेदार ने दुकान लगाने आए व्यापारियों को जमीन नाप तौल कर दी है। खेल-तमाशे वालों ने अपने डेरे व तंबू डाल लिए हैं। झूले व दुकानें लगने लगीं हैं।
मेला मार्गशीर्ष परिसर में बड़ी संख्या में ट्रक मेटाडोरों में सामान लेकर खेल तमाशे वाले पहुंचे। उनके द्वारा ऊंचे झूले, मौत का कुआं, टॉयज ट्रेन आदि खेल-तमाशे वाले अपना सामान ले आए हैं। झूले आदि लगाए जाने का कम चल रहा है। इसके अतिरिक्त पत्थर के चाक, सिल बटना बनाने वाले भी पहुंचे हैं। हस्तशिल्प के कारीगर अपने हाथ के बने कंबल, कालीन, दरी, गलीचे एवं लकड़ी से बनाये गये गृहोपयोगी सामान लेकर मेले में दुकानों को लगाने पहुंचे हैं। मेले में खजला, नारंगी वाले भी पहुंचे हैं। पालिका प्रशासन ने भी मेला ग्राउंड, हरि की पौड़ी परिक्रमा मार्ग की सफाई का कार्य तेज कर दिया है। वहीं घाटों व मंदिरों की रंगाई पुताई भी तेजी से की जा रही है।