कासगंज। अब निजी अस्पतालों के चिकित्सक डेंगू के मरीजों के मामले में मनमानी नहीं कर सकेंगे। उनकी मनमानी पर अंकुश लगा दिया गया है। निजी अस्पतालों को डेंगू मरीज का पूरा ब्योरा पोर्टल पर देना होगा। इसके साथ ही मरीज का एलाइजा जांच के लिए सैंपल भी जिला अस्पताल भेजना होगा। विभाग ने डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
दो साल से डेंगू का प्रकोप काफी बढ़ गया है। अभी तक सरकारी अस्पताल पर इलाज को आने वाले मरीजों का आंकड़ा ही सामने आ पाता था। निजी चिकित्सक एनएस 1 किट के माध्यम से डेंगू की पुष्टि कर उसका इलाज करते हैं। उनके द्वारा मरीजों की एलाइजा जांच नहीं कराई जाती। इलाज के नाम पर मोटी रकम भी मरीजों से बसूली जाती है। जबकि एलाइजा जांच से ही डेंगू की सही पुष्टि होती है। पिछले दिनों दो चिकित्सालयों पर निरीक्षण के समय 18 मरीजों का डेंगू का इलाज चलता हुआ मिला था,जब विभाग ने इनके सैंपल जिला अस्पताल भेजकर एलाइजा की जांच कराई तो उसमें से चार में ही डेंगू की पुष्टि हुई।
निजी अस्पतालों की इस मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए एचआईपी (इंटीगेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम) पोर्टल पर डेंगू मरीजों का पूरा ब्योरा अंकित करना होगा। जिसमें मरीज का नाम, पता, उम्र, लिंग और बीमारी का ब्योरा दर्ज करना होगा। इसके साथ ही मरीज का सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। जहां सैंपल की एलाइजा जांच कर मरीज की डेंगू की पुष्टि की जाएगी।