सोरोंजी। तीर्थंनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ मेला मार्गशीर्ष की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। पालिका प्रशासन द्वारा वराह मूर्ति व मेला गेटों की रंगाई पुताई का काम शुरू करा दिया गया है। मेले में दुकानों के लगाने के लिए जगह का टेंडर उठा दिया है। ग्राउंड में खेल तमाशबीनों व व्यापारियों ने जगह किराये पर लेकर माल पहुंचाना शुरू कर दिया है। शिवराज पशु मेला 6 दिसंबर से शुरू होगा, जबकि 11 दिसंबर से मेला मार्गशीर्ष मेला शुरू हो जाएगा।
ट्रकों में सामान लादकर पत्थर, लकड़ी, टीन से निर्मित सामान, कंबल कालीन, झूले, सर्कस अन्य व्यापारी पहुंचने लगे हैं। ब्राह्मण कल्याण सभा मार्गशीर्ष एकादशी पर दीपोत्सव, गीता जयंती महोत्सव व गंगाजी की महाआरती करेगी। धर्मयात्रा महासंघ शूकरक्षेत्र की पंचकोसीय परिक्रमा व गंगा स्नान के लिए आने वाले संत महात्माओं को दूध व राशन का वितरण करेगा। स्वामी महेश दयानंद, स्वामी अमृतानंद सोहम आश्रम व मानस मंदिर में संत भंडारे का आयोजन होगा। मेला मार्गशीर्ष से पूर्व शिवराज पशु मेला का आयोजन 6 दिसंबर से 19 दिसंबर तक होगा। पशु मेला लहरा रोड पर नुमाइश ग्राउंड में लगाया जाएगा। मेला आयोजक राव मुकुल मानसिंह ने बताया कि पशु मेले के आयोजन को 100 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।
यह रहेंगे प्रमुख स्नान पर्व:
प्रथम स्नान पर्व: 14 दिसंबर मार्गशीर्ष एकादशी
द्वितीय स्नान पर्व:15 दिसंबर मार्गशीर्ष द्वादशी (भगवान वराह का मोक्ष दिवस)
तृतीय स्नान पर्व:16 दिसंबर नागा साधुओं का शाही स्नान
चौथा व अंतिम स्नान पर्व: 19 दिसंबर मार्गशीर्ष पूर्णिमा
प्रदेश सरकार के कैबिनेट स्तर के किसी मंत्री से मेले का उद्घाटन कराए जाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। मेले को भव्यता से आयोजित किया जाएगा। मेले में विराट कवि सम्मेलन, नृत्य, नाट्य व हास्य के कार्यक्रम भी होंगे। - मुन्नीदेवी, पालिकाध्यक्ष