कासगंज। सहावर के गांव नगला माधव में दो भाइयों की हत्या के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी। रविवार देर रात राजवीर के हत्यारोपी प्रेमपाल को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि कैलाश के हत्यारोपी बबलू की तलाश में पुलिस दबिशें दे रही है। पड़ोसी जिला बदायूं और एटा में भी संभावित स्थानों पर पुलिस ने दबिशें दी हैं।
नगला माधव में संपत्ति विवाद में सगे भाई कैलाश और राजवीर की मौत के जिम्मेदार दोनों के ससुरालीजन हैं। मृतक बड़े भाई राजवीर के पिता डोरी लाल ने छोटे बेटे कैलाश के ससुर सिढ़पुरा के गांव लखीमपुर निवासी प्रेमपाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। जबकि कैलाश की हत्या के मामले में ससुर प्रेमपाल ने राजवीर के साले सोरों कोतवाली के गांव नगरिया निवासी बबलू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने हत्यारोपियों की तलाश में दबिशें दीं। राजवीर के हत्यारे प्रेमपाल को तो पुलिस ने गांव नगला माधव से गिरफ्तार कर लिया, जबकि बबलू अभी तक फरार है। बबलू की तलाश में पुलिस लगातार दबिशें दे रही है। पड़ोसी जिला एटा और बदायूं में भी पुलिस ने संभावित स्थानों पर दबिशें दी है। हालांकि अभी तक हत्यारोपी बबलू का कहीं कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस दोनों ही मृतकों के परिजनों से लगातार पूछताछ कर रही है। घटना के संबंध में अन्य तथ्य भी पुलिस जुटा रही है।
मेरे घर में लूट हुई है
कासगंज। राजवीर की विधवा लता का आरोप है कि उसके पति को गोली लगने के बाद वह इलाज के लिए अलीगढ़ जा रही थी। पति की मौत के बाद जब वह घर पहुंची तो उसके घर में रखा जेवरात और करीब 3 लाख रुपये की नकदी गायब थी। लता के मुताबिक उसके घर में सुनियोजित तरीके से लूटपाट की गई है।
- जब घटना हुई तब से गांव में पुलिस तैनात है। लूट हो ही नहीं सकती। गंाव में अभी भी पुलिस बल तैनात है। हत्यारोपी प्रेमपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि बबलू की तलाश में दबिशें दे रहे हैं। गनेश चौहान, थाना प्रभारी, सहावर।
भाई भाई हत्याकांड-
दोनों घरों में चीखें, गांव में सन्नाटा, पहुंच रहे रिश्तेदार
एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात, गलियों में गश्त
अमर उजाला ब्यूरो
कासगंज। सहावर के गांव नगला माधव में हुए खूनी संघर्ष के बाद सन्नाटा बना हुआ है। एक ही परिवारों के दोनो घरों में चीख पुकार मची हुई है। संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस को तैनात कर दिया है।
संपत्ति के लिए सगे भाई राजवीर और कैलाश की जान चली गई। दोनों के ही ससुरालीजन इस घटना के मुख्य दोषी पाए गए हैं। घटना के बाद से गांव में तनाव बना हुआ है। सोमवार को सुबह से ही मृतकों के घर संवेदना जताने वालों का तांता लगा रहा। सगे संबंधी, रिश्तेदार दोनों ही भाइयों के घर पहुंचे। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस ने सतर्कता बरती। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। दिन भर पुलिस ने गांव की गलियों में गश्त किया। मृतकों के घर के बाहर पुलिस के जवान तैनात रहे। दोनों ही घरों में चीख पुकार मची हुई है। घरों में चूल्हे नहीं जले। आस पड़ोसियों ने मृतकों के घर पहुंचकर बच्चों के लिए खाने का इंतजाम कराया।
मां संग बिलखते रहे मासूम
कासगंज। दोनों ही महिलाएं और उनके अन्य परिजन बिलख रहे थे साथ में दोनों ही भाइयों के बच्चे भी बिलखते रहे। छोटे भाई कैलाश की पत्नी दुधमुंहे को दुलारती भी रही और सिसकती भी रही। यह हाल देख हर कोई द्रवित हो रहा था। दोनों की घरों की स्थिति काफी नाजुक हो गई है।
संपत्ति के लिए जिले में पहले भी होता रहा है रिश्तों का कत्ल
पिछले दिनों ही संपत्ति के लिए भाई ने रिश्तेदारों संग की थी भाई की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
कासगंज। जिले में संपत्ति के लिए रिश्तों के कत्ल का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी संपत्ति और स्वार्थ के लिए रिश्ते कलंकित और आरोपित होते रहे हैं। पिछले महीने की ही बात है जब गंजडुंडवारा क्षेत्र में संपत्ति के लिए भाई ने भाई को ही मार डाला था। बीती 16 अक्तूबर को ही पुलिस ने इस घटना का खुलासा किया। इसके अलावा अन्य घटनाएं भी हो चुकी हैं।
केस नंबर-1
- 18 अगस्त को पटियाली के गांव गोंडा में संपत्ति के लिए भाई रवि और मानसिंह, रामलड़ैते के बीच संघर्ष हुआ था। इसमें दोनों के ही गंभीर चोटे आईं। भले ही इसमें किसी की जान न गई, लेकिन रिश्तों का कत्ल हो गया। आज इस परिवार में दरारे हैं और भाई भाई के रिश्ते खत्म हैं।
केस नंबर-2
- पिछले महीने 9 सितंबर को गंजडुंडवारा के गांव अलावलपुर में टीटू की हत्या कर शव फेंक दिया गया। बीती 16 अक्तूबर को पुलिस ने इस घटना का खुलासा किया तो पता चला कि 8 लाख रुपये की संपत्ति के लिए मृतक के भाई ओमवीर ने रिश्तेदार राकेश और राममोहन के साथ मिलकर भाई की हत्या कर दी।