आगरा। महिला अस्पताल (लेडी लॉयल) के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर प्रतिदिन महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। स्टाफ की कमी के कारण अधिकांश महिलाओं को बिना जांच कराए ही मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है।
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अनिल कुमार सियाल ने बताया कि उनकी ड्यूटी का शेड्यूल ही इस समस्या की जड़ है। उन्होंने कहा, मेरी ड्यूटी तीन दिन जिला अस्पताल और तीन दिन लेडी लॉयल में रहती है। ऐसे में सहयोगी डॉक्टर पर काम का बोझ बढ़ जाता है। डॉ. सियाल के अनुसार, अस्पताल में रोज लगभग 50 से 60 महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए आती हैं। प्रयास रहता है कि ज्यादा से ज्यादा अल्ट्रासाउंड किए जाए, लेकिन अकेले होने के कारण दिनभर में केवल 35 से 40 हो पाते हैं। इसी वजह से बची महिलाओं को अगले दिन आने को कह दिया जाता है यही कारण है कि वह निजी केंद्रों पर जाने को मजबूर होती हैं।
दूर-दराज से आईं गर्भवती महिलाओं का कहना हैं कि सुबह से भूखे-प्यासे लाइन में लगने के बाद अंत में उन्हें मना कर दिया जाता है। अस्पताल प्रशासन की इस सुस्ती और स्टाफ की कमी का खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।