प्रसव पीड़ा से तीन घंटे तक गर्भवती कराहती रही, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज और लेडी लॉयल के चिकित्सक एक-दूसरे के यहां भर्ती कराने के लिए चक्कर लगवाते रहे। कोई सुनवाई न होने पर परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पुलिस को फोन किया तब कहीं गर्भवती को भर्ती किया गया। जांच में पता चला कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई है।
आजमपाड़ा निवासी इमरान खान की 24 साल की गर्भवती पत्नी शबीना का इलाज लेडी लॉयल में चल रहा था। प्रसव पीड़ा होने पर 17 मई को परिजन गर्भवती को लेडी लॉयल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने कोविड-19 का नमूना लेकर गर्भवती को घर भेज दिया। 19 को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन दोबारा लेडी लॉयल लेकर गए।
इनके भाई मोहम्मद शफीक का आरोप है कि सुबह 10:30 बजे बहन को लेकर भर्ती करने गए, डॉक्टरों ने रिपोर्ट मांगी तो काउंटर से रिपोर्ट लेकर आए, जिसमें निगेटिव थी। चिकित्सकों ने लेडी लॉयल के डॉक्टरों के पास भेज दिया, वहां जाने पर एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के पास डिलीवरी कराने की बात कहते हुए टरका दिया। करीब दो-ढाई घंटे तक यही खेल चलता रहा। बहन दर्द से कराह रही थी।